जिले के 1776 गांवों में जलापूर्ति के लिए एक्शन प्लान पर अमल जारी

    • 1864 योजनाओं में 400 से अधिक काम प्रगति की ओर
    • जिलाधिकारी, जिप.सीईओं की कामों पर निगाहें

    यवतमाल. यवतमाल जिले में ग्रामीण ईलाकों में स्वच्छ और फ्लोराईड मुक्त पेयजल आपूर्ती हो इसके लिए जिलापरिषद के पानी आपूर्ती विभाग और जिप. प्रशासन के अधिकारीयों ने कमर कस ली है. जिले में लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों सें जलजीवन मिशन चल रहा है,इसके जरीए जिले में 1 हजार 736 गांवों के लिए 1 हजार 864 जलापूर्ती योजनाएं चलाने के लिए हरी झंडी मिली है.

    इसके तहत जिले के ग्रामीण ईलाकों के देहातों में पेयजल के लिए अनुमानित तौर पर 652 करोड की योजनाओं के काम होंगे.इससे भविष्य में ग्रामीण ईलाकों में जलकिल्लत से मुक्ती मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है.उल्लेखनिय है की केंद्र सरकार की 2024 तक हर घर नल से जल योजना से जिले में जलजीवनप मिशन चलाने का फैसला लिया है,इसके लिए जिलाधिकारी अमोल येडगे, जिप. के सीईओ डा.श्रीकृष्ण पांचाल और जलापूर्ती विभाग के एक्शन प्लान बनाया गया है.

    बता दें की जिप. के जरीए जिले में जलस्वराज अभियान और भारत निर्माण जलापूर्ती योजना से काम किए गए, जिसमें 10 फिसदी ग्रामीण ईलाकों के नागरिकों की जनसहभागिता और श्रमदान जरुरी था, लेकिन इसके लिए सरकारी स्तर पर 90 फिसद निधी देने पर भी जनचंदे के कारण योजनाएं अधुरी रहती थी, लेकिन केंद्र की नई योजना में सरकार ने 100 फिसद निधी देने का फैसला लिया है, इसमें केंद्र और राज्य 50-50 फिसद राशि देंगी.

    पहले आम गांवों के लिए 10 फिसद जनचंदा और पेसा और आदिवासी गांवों के लिए 5 फिसद चंदा जमा करना पडता था, लेकिन यह संभव न होने से उपरोक्त योजनाएं नही चल पायी. किंतु अब सभी दिक्कतें ध्यान में लेकर जिलाधिकारी ने टीएसपी के जरीए इसे हल करने का निर्णय लिया है.प्राथमिक चरण में जलापूर्ती विभाग को इसके लिए 28 लाख रुपयों का निध उपलब्ध करवाया गया है, एैसी जानकारी जिप.जलापूर्ती विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रदिप कोल्हे ने देकर बताया है की जिले के आदिवासी गांवों में लगभग 60 करोड के जलापूर्ती योजना के काम होंगे.इससे पहले जिले में अ वर्ग की 687 जलापूर्ती योजनाओं के लिए जलजीवन मिशन में प्रारुप तैयार किया गया था.

    यवतमाल जिले में ग्रामीण ईलाकों के लिए जलापूर्ती योजनाएं सुचारु और समय पर हों इसके लिए यवतमाल जिले के पालकसचिव और राज्य के जलापूर्ती विभाग के प्रधान सचिव संजीव जयस्वाल ने स्थानिय प्रशासनिक अधिकारीयों को इसके लिए मार्गदर्शन किया, जिसके बाद जिले में जलापूर्ती योजनाओं को अमल में लाना संभव होता दिख रहा है.

    पालक सचिव ने गंभीरता दिखाकर जिले की योजनाओं में आनेवाली दिक्कतें हल की,इसके अलावा जलजीवन मिशन में ग्रामीण ईलाकों में डाली जानेवाली जलापूर्ती पाईपलाईन, जलकुंभ और अन्य सभी तकनिकी कामों के लिए केंद्र सरकार पुरस्कृत सरकारी एजंसी की नियुक्त की गयी है, इसके जरीए योजनाओं का डीपीआर तैयार करने, टेंडर प्रोसेस और अन्य सभी तकनिकी मदद दी जाएंगी, एैसी जानकारी जिप.प्रशासन ने जारी की है.

    जिले में पुरी की गयी जलापूर्ती योजनाओं की गुणवत्ता और कामों के दर्जे को लेकर केंद्र सरकार की एमओओडीवास मुडी इस त्रयस्थ संस्था की नियुक्ती की गयी है जो जिप. के जलापूर्ती योजनाओं और जीवन प्राधिकरण के जरीए होनेवाले कामों की तकनिकी जांच करेंगी.30 फिसद काम पुरे होने पर मुडी की प्रतिनिधी समिती कामों के प्रगती की जांच करेंगी, बाद में 100 फिसद काम पुरे होने पर इसके सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट सरकार को दी जाएंगी.