File Pic
File Pic

    यवतमाल.जंगली प्राणीयों के कारण जीन ईलाकों के किसानों का लगातार फसलों का अधिक नुकसान हुआ है, वहां पर सोलर फेन्सींग लगाने का नियोजन करने की निर्देश जिलाधिकारी अमोल येडगे ने दी है.मानव-वन्यजीव संघर्ष पर समन्वय साधने के लिए अंतर विभागीय जिलास्तरीय समिती की स्थापना करने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजस्व भवन में सभा ली गयी.

    इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. दिलीप पाटील भुजबल, यवतमाल वनवृत्त के उपवनसंरक्षक केशव वाबले,पांढरकवडा वनविभाग के उपवनसंरक्षक किरण जगताप, पुसद के उपवनसंरक्षक निरंजन दिवाकर,सिंचाई विभाग के अधिक्षक अभियंता नितीन बनसोड,बिजली विभाग की उपकार्यकारी अभियंता मनिषा बुरांडे प्रमुख तौर पर मौजुद थी.

    इस समय जिलाधिकारी ने बाघों के संचारवाले ईलाकों में ट्रैप कैमरे लगाए ने की सुचना देकर कहा की इससे बाघ कीन ईलाकों में कीस समय बाघ ज्यादा घुमते है, इसकी जानकारी मिल पाएंगी,साथ ही इन ईलाकों में बाघों के नागरिकों पर हमले पर प्रतिबंध लगाने के लिए उपाययोजनाएं की जा सकेंगी.वनप्राणीयों को रोकने के लिए अनेक स्थानों पर तारों में बिजली करंट छोडा जाता है, जिससे अनेक बार वन्यप्राणी, पालतु मवेशी और आम नागरीक, किसान, मजदुरों को भी अपनी जान गंवानी पडती है.

    इस तरह बिजली करंट तारों में प्रवाह कर नागरिक और वन्यजीवों को खतरा निर्माण करनेवाले किसानों के खिलाफ बिजली चोरी और जीवीत हानी के प्रयास के अपराध दर्ज करें,एैसे निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए है.इस समय उन्होने बताया की,विभीन्न वनबीटों में वन्यप्राणीयों के लिए बनाए गए कृत्रीम तालाबों के पास बोअरवेल और सोलर के काम करने पर टैंकर से उसमें पानी छोडरने की जरुरत नही होंगी.

    जंगली प्राणीयों से होनेवाले नुकसान का मुआवजा किसानों को दिया जाता है,परंतु नुकसान ना हों, इसके लिए बाघों के संचार वाले गांवों में प्रमुखता से प्राथमिक बचाव पथक, और रैपिड रिस्पान्स टीम का गठन कर उसे सक्रीय करें, इन दस्तों के जरीए गांववासीयों को जानकारी देकर जनजागरण करें,बाघों की हलचलों और समय को समझने के लिए ट्रैप कैमरे लगाएं, एैसे स्थलों की खोजकर मोबाईलचलीत कैमरों का ईस्तेमाल करें, एैसी सुचना भी जिलाधिकारी ने दी.

    बैठक में जिलास्तरीय समिती स्थापना और उसमें गैरसरकारी सदस्य चयन पर चर्चा की गयी. इस बैठक में नगरपरिषद मुख्याधिकारी माधुरी मडावी,प्रा. डॉ. प्रविण जोशी,कृषी अधिकारी अनिल राठी, वन्यजीवरक्षक डॉ. रमजान विरानी,जलसंधारन विभाग के एस.बी.गायकवाड आदि मौजुद थे.