15वें वित्त आयोग के 240 करोड़ रुपये के निधि व्यय की प्रतीक्षा में

    • एक वर्ष से अधिक समय से विकास कार्यों का नहीं किया गया है उपयोग 

    यवतमाल.  जिला परिषद में 15वें वित्त आयोग को सरकार की ओर से 2020-21 से पांच चरणों में 240 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं. लेकिन अभी तक ग्राम पंचायत स्तर पर राशि खर्च नहीं की गई है. यदि ग्राम पंचायत की कार्य योजना के तहत 240 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों को कब खर्च करने का महूर्त कब मिलेगा.

    सरकार ने जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 15वें वित्त आयोग के लिए धन आवंटित किया है. इसमें से 80 फीसदी राशि ग्राम पंचायत, 10 फीसदी पंचायत समिति और 10 फीसदी जिला पंचायत स्तर पर खर्च करने के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं.

    29 जून 2020 को 52 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये, 27 जुलाई 2020 को 52 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये, 8 फरवरी 2021 को 52 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये, 15 अप्रैल 2021 को 52 करोड़ 85 लाख 71 हजार रुपये और 20 मई 2021 को 31 करोड़ 25 लाख 53 हजार रुपये का निधि पांच चरणों में का कोष उपलब्ध कराया गया है. हालांकि, योजना के अनुसार धनराशि का उपयोग नहीं किया गया है.

    पूरा फंड जिला परिषद को खर्च नहीं किया गया है. हाल ही में स्थायी समिति की बैठक में जिला पंचायत सदस्य गजानन बेजकिवार ने ग्राम पंचायत स्तर पर राशि खर्च करने के प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाया था.