भारी वर्षा के कारण जिले में फसलों को भारी नुकसान, किसान मुआवजा मिलने की प्रतिक्षा में

    • जिले में 13 हजार 245.08 हेक्टर के  फसलों क्षति

    यवतमाल . इस वर्षे जिले में अच्छी बारिश हूई. जिसके चलते किसानों ने अपनी फसलों की बुआई भी की लेकिन 20 जुलाई के बाद जिले में अतिवृष्टी होने कारन जिले लगभग 13 हजार 245.08  हेक्टर पर 26 हजार 173 किसानों के फसलों का नुकसान हुआ. साथ ही  जिले के 417 गावों को अतिवृष्टी का सामना करना पडा है. इसमें 451 किसानों के घरों का नुकसान हुआ है. क्षतिग्रस्त किसान मुआवाजा की प्रतिक्षा कर रहा है.

    ग्रष्मकाल की धुप खत्म होने के बाद इस वर्षे जुन माह में ही मौसमी मान्सुन ने दस्तक दी थी. इस मान्सुन के चलते जिले के किसानों ने अपनी फसलों का बुआई कर दी थी. बारिश अच्छी होने कारन इस वर्षे फसल भी अच्छी आयी थी.  फसल अच्छी होने कारन किसानो में भी उत्साह का  वातवरण था. लेकिन 20जुलाई के बाद मौसम मे अपना रूख बदल दिया.  जिले में लगातर हूई बारिश में कई नदिया उफान पर आयी थी. 

    इस बाढ की स्थिती कारन अनेक गांवो समेत घर का भी क्षति का सामना करना पडा. साथ ही कई हेक्टर की फसल बर्बाद हो गई है. जुलाई माह में हुए अतिवृष्टी के चलते जिले में 13 हजार 245.08 हेक्टर पर 26 हजार 173 किसानों को नुकासन का सामना करना पडा. लेकिन सरकार तौर पर अब तक मदद नही मिली है. जिसके चलते सरकार के प्रति किसानों में नाराजगी छायी हुई है. 

    451 पक्के आरे कच्चे निवास को हूई क्षति

    जुलाई के माह में हूई अतिवृष्टी के चलते जिले दारव्हा तहसील में 288, झरीजामणी तहसील में 10, दिग्रस तहसील में 1, भाभुलगांव में 8 कुल 307 पक्के निवास को क्षति पहुंची है. साथ ही यवतमाल तहसील में 4, रालेगांव तहसल में 4, घांटजी तहसील में  वणी तहसील में 13, दिग्रस तहसील में 1, नेर तहसील में 59 उमरखेड तहसील 33, पुसद तहसील में 1, कुल 144 कच्चों निवासों को क्षति पहुंची है. कच्चे ओर पक्के कुल निवास की संख्या 451 है. 

    20  नागरिकों को गवाई पडी जान

    जुलाई के माह में जिले में हुई अतिवृष्टी के  दौरान रालेगाव तहसील में 1, बाभूलगांव तहसील में 2, आर्णी तहसील में 2, उमरखेड तहसील में 1,  दिग्रस तहसील में 1, आर्णी तहसील में 3, दारव्हा तहसील में 3, पुसद तहसील में 2,  महगांव तहसील में 1 व मारेगांव तहसील में 1 कुल 20 नागरिकों को अपनी जान गवानी पडी है. 

    67 मवेशियों की मौत

    जिले में हुई अतिवृष्टी के दौरान पुसद तहसील में 2,  दिग्रस तहसील में 7, नेर तहसील में 2, कलंब तहसील में 4, झरी तहसील में 27, महगांव तहसील में 1, उमरखेड तहसील में 22 व मारेगांव तहसील में 2 कुल 67 मवेशियों की जान गई है. 

     26 हजार 173 किसानों का नुकसान 

     आतिवृष्टी के दौरान हुए सुखा के 11 हजार 593 हेक्टर क्षेत्र पर 17 हजार 314 किसान, 1 हजार 345 बागायती किसानों का 193.92 हेक्टर पर क्षति पहुंची है. साथ ही 798 बगीचा की खेती करनेवाले किसाना का 98.90 हेक्टर पर नुसकान हूआ है. साथ ही अन्य 1 हजार 358.43  हेक्टर पर 6 हजार 656  किसान कुल 26 हजार 173 किसानों का नुकसान हुआ है. 

     राजनेताओं ने की अनदेखी

     यवतमाल जिला किसानो की आत्महत्या के लिए पुरे महाराष्ट्र में प्रसिद्ध है, जिसके चलते सरकार ने इन जिले पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है. लेकिन जिले में जुन-जुलाई के दौरान हुई अतिवृष्टी के दौरान किसी भी केंद्रीय मंत्री, पालकमंत्री, व राज्यमंत्री ने मुनायाना नही किया. जिसके चलते राजनैतिक दलों को चुनाव के प्रचार में किसान याद आता है क्या यह सवाल सामन्य नागरिको से उठ रहे है.

    जिले को लगभग 32 करोड रूपये की आवश्यकता 

    जिले के लगभग 13 हजार 245.08  हेक्टर पर 26 हजार 173 किसानों के फसलों का नुकसान हुआ. साथ ही 451 किसानों के घरों को क्षति पहुंची है. इस अतिवृष्टी से उभरने ने के लिए लगभग 32 करोड रूपये की राशि की आवश्यकता है.

    राज्य मंत्री के दौरे से क्षतिग्रस्त किसानों को मदद की आस 

    क्रांति दिवस के अवसर पर सोमवार को राज्य के पुर्नवसन मंत्री विजय वडेट्टीवार का जिला दौरा है. इस दौरे के चलते क्षतिग्रस्त किसानों को मदद मिलने की आस लगी है.