Ginning Pressing
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  • संपत्ति की पुन:विक्री की साजिश : एड़ नाईक

पुसद. जिनिंग प्रेसिंग के संचालक मंडल के सदस्य एड. सचिन नाईक ने पत्र परिषद में कहा कि शहर के बीचोबीच स्थित बंद जिनिंग प्रेसिंग की संपत्ति फिर से बिक्री करने की अनुमति देने से सहकार क्षेत्र पर जनता व संचालक मंडल के सदस्यों में रोष है. जिनिंग व प्रेसिंग संपत्ति की बिक्री को रोकने संचालक मंडल के सदस्य अब अब अदालत में जाने की तैयारी कर रहे हैं. जिनिंग व प्रेसिंग की संपत्ति बेचने और दबाने की साजिश राजनीतिक नेताओं द्वारा रची जा रही है.

संचालक मंडल के सदस्य सचिन नाईक और ज्ञानेश्वर ताडसे ने इसे विफल करने के लिए कई आंदोलन किए. आंदोलन के कारण सहकारी समिति से भूमि और संपत्ति बेचने का प्रस्ताव गुलदस्ते में रखा गया था. नए प्रस्ताव को प्रस्तुत करते समय यह आरोप लगाया गया कि सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समिति पुसद और जिला उप रजिस्ट्रार यवतमाल ने शिकायतकर्ता सदस्यों को अपनी स्थिति बताने का अवसर दिए बिना विपणन निदेशक को प्रस्ताव भेजा था.

2016 के समान निजी मूल्यांकन पर प्रस्ताव की सिफारिश की गई थी. जिनिंग की 150 करोड़ रुपये की संपत्ति 32.40 करोड़ रुपये आंकी गई थी. डिप्टी रजिस्ट्रार पुसद से मूल्यांकन लेते समय, संगठन ने उचित मूल्यांकन आकर्षित करने के लिए कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया. डीडीआर ने वरिष्ठ कार्यालय से किसी भी पुष्टि के बिना प्रस्ताव भेजा, कि क्या उप रजिस्ट्रार पुसद का आकलन सही था या नहीं.

150 करोड़ की संपत्ति बेचने को लेकर सवाल 

संगठन ने भूमि से संबंधित अन्य लेनदेन दिखाते हुए कम मूल्य के लेनदेन दिखाए. कंपनी को उनके प्रस्ताव के अनुसार नई इकाई के आधुनिकीकरण के 8 करोड़ 75 लाख रुपये नये यूनिट के अत्याधुनिकरण के लिए आवश्यक है. ऐसा होते हुए भी 150 करोड़ की संपत्ति बेचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. प्रस्ताव प्रस्तुत करने में लेखा परीक्षक ने अपनी राय में यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन वाणिज्यिक स्थान का उपयोग करके धन जुटा सकता है, लेकिन संगठन ने इस पर कोई विचार नहीं किया. 2016 में अनुमति से इनकार करते हुए, विपणन संचालक ने सहायक रजिस्ट्रार सुनील भालेराव दोनों में संघर्ष होने से कार्रवाई के आदेश दिए थे.

बोर्ड के सदस्य जाएंगे कोर्ट 

एड. नाईक ने बताया जिनिंग प्रेसिंग की संपत्ति बेचने की साजिश के खिलाफ हम अब अदालत में अपील कर उसे नाकाम करेंगे. राजनीतिक नेताओं को संपत्ति बेचकर, मलाई खाने नहीं देंगे. आम जनता की संपत्ति है. राजनीतिक नेताओं को इसके बारे में पता होना चाहिए. जिनिंग प्रेसिंग की संपत्ति की पुन: बिक्री की साजिश के खिलाफ हम कोर्ट से स्टे लाएंगे.