असंगठीत श्रमिक ई-श्रम योजना में पंजीयन करें, जिलाधिकारी अमोल येडगे ने ली श्रमिकों पर बैठक

    यवतमाल.असंगठीत क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की योजनाओं का लाभ मिलने के लिए ई-श्रम योजना के तहत उनका पंजीयन होना जरुरी है, उसी तरह छोटे बडी दुकान संचालकों ने भी उनके श्रमिकों के पंजीयन के लिए मदद करनी जरुरी है, एैसे कथन जिलाधिकारी अमोल येडगे ने जताए.

    ई-श्रम कार्ड योजना पर 28 सितंबर को जिलाधिकारी अमोल येडगे ने जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक ली.इस समय जिला श्रमिक अधिकारी राहुल काले सामान्य सेवा केंद्र के दिनेश चोपडा, सुनिल उईके, चेंबर ऑफ कॉमर्स के राजेंद्र निमोदीया प्रमुखता से उपस्थित थे.इस योजना में पंजीयन के लिए श्रमिकों से कोई शुल्क ना लेकर इसकी सरकार अदायगी करती है.

    श्रमिकों की दुर्भाग्यवश मृत्यू या विकलांगता आने पर वर्तमान में 2 लाख रुपयों की मदद दी जाती है, भविष्य में भी अनेक लाभकारी योजनाओं का इसमें समावेश होंगा, जिससे श्रमिकों को पंजीयन करने प्रोत्साहीत कर उनका पंजीयन करें, एैसे निर्देश जिलाधिकारी नें जिला श्रमिक अधिकारी को दिए.

    उदयोग, ऊर्जा, श्रमिक विभाग के 13 अगस्त 2020 के सरकारी निर्णय में दर्ज मजदूरी करनेवाले, रास्तों पर दुकान लगाकर सामान बेंचनेवाले विक्रेता, दुकानों में काम कर रहे श्रमिक, आशा वर्कर, विनकर, बढई, सुतार, लोहार, खेतीहर मजदूर, मछलीमार, ऑटोचालक, ईटभटटी श्रमिक, घरेलु श्रमिक, अखबार विक्रेता जैसे 300 तरह के विभीन्न व्यवसायों के श्रमिकों की इसमें पंजीयन करवाया जाएंगा.

    पंजीयन के लिए असंगठीत क्षेत्रों में काम करनेवाले लोगों की आयु 16 से 59 वर्ष के दरमियान और इनकम टैक्स न भरनेवाला, भविष्य निर्वाह निधी, और कर्मचारी राज्य बिमा योजना का सभासद न होने, सरकार द्वारा निर्धारीत उदयोग में कीसी से जुडा होने, उसका आधारकार्ड, बँक पासबुक, परिवार के किसी भी सदस्य का आधार लिंक का सक्रीय मोबाईल नंबर होना इसमें जरुरी कीया गया है.

    पंजीयन के लिए मोबाईल या नागरी सुविधा केंद्र, श्रमिक सुविधा केंद्र, ई श्रम पोर्टल, नॅशनल हेल्पलाईन क्रमांक 14434 या टोल फ्रि क्रमांक 18001374150 का भी उपयोग कीया जा सकता है,पंजीयन पुरा होने पर श्रमि को युनिव्हर्सल अकाऊंट नंबर दिया जाएंगा, एैसी जानकारी जिला श्रमिक अधिकारी राहुल काले ने बैठक के दौरान दी.इस समय श्रमिक संगठनो से जुडे दिवाकर नागपूरे, मनिष लोलगे, संजय भालेराव, पल्लवी रामटेके, ज्योती रत्नपारखी और विभीन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधी मौजुद थे.