ओबीसी जनगणना के लिए जलाई जाए क्रांति की मशाल-नितेश कराले

    • वणी में ओबीसी जनगणना के बारे में वाडी भाषा में गाइड

    वणी. ओबीसी की जनगणना के लिए अब सभी को क्रांति की मशाल लेकर चलना होगा, प्रो. नितेश कराले ने ओबीसी (वीजे, एनटी, एसबीसी) जातिवार जनगणना कार्य समिति वणी-मारेगांव-झरी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही.

    अपने व-हाडी अंदाज में विद्यार्थियों को स्पर्धा परीक्षा, करिअर व अन्य विषयों पर अभ्यासपूर्ण मार्गदर्शन करनेवाले प्रा. नितेश कराले और उमेश कोर्राम के मार्गदर्शन में वणी क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को एक नया जीवन मिला है. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदीप बोनगीरवार ने की.

    प्रमुख अतिथि एड. देवीदास काले, प्रा. बालकृष्ण राजुरकर, पांडुरंग पंडिले, बाबाराव ढवस, रहीमभाई शेख, सविता रासेकर, माया आसुटकर, संजय खाड़े, मोहन हरडे, प्रा. डॉ. राम मुडे उपस्थित थे. कराले ने ओबीसी जातिवार जनगणना और प्रतियोगी परीक्षा पर मार्गदर्शन प्रदान किया. उमेश कोर्राम ने शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न अवसरों और योजनाओं के बारे में छात्रों का मार्गदर्शन किया.

    संचालन प्रदीप बोरकुटे ने किया. परिचयात्मक भाषण वैभव ठाकरे ने तो आभार आनंद बन्सोड ने किया. सफलता के लिए नारायण मांडवकर, प्रवीण खानझोड़े, सुरेश मांडवकर, विकास चिड़े, गजानन चंदावार, दिलीप पडोले, हेमराज कलंबे, विवेक ठाकरे, बाबाराव गेडाम, विजय दोडके, परिमल अंड्रस्कर, अमोल मिलमिले, दिलीप भोयर, प्रवीण लोंढे और अन्य ने इसके लिए कड़ी मेहनत की.