जिले मे डीएपी खाद की किल्लत,किसान हुए परेशान

    • दो माह से नही हो पायी खाद की आपूर्ति

    यवतमाल. खरीफ फसल के दौरान जिले में अतिवृष्टी और मुसलाधार बारिश से किसानों को भारी नुकसान पहूंचा. इससे जैसे तैसे उबरने के बाद किसान रबी फसल लेने में जुटे हुए है, लेकिन इसमें भी जिले के किसानों पहले खाद सबसिडी से हासिल करना मुश्कील हो चुका था.अब खाद हासिल करने को परेशानी हो रही है.

    जिले में इन दिनों बडे पैमाने पर खाद की किल्लत निर्माण हो चुकी है. बताया जाता है की कृषी विभाग द्वारा महामंडल के गोदामों में बिते दो माह से खाद की आपूर्ति न होने के बावजुद उदासिन रवैया अपनाया जा रहा है.रबी फसल के लिए जिले में प्रमुख तौर पर गेंहु और हरभरा की बुआई की गयी है, बुआई के बाद इन फसलों के अंकुर उगने पर उन्हे डीएपी खाद देना जरुरी होता है, लेकिन इन दिनों बाजारों में डीएपी खाद उपलब्ध नही है, जिससे इन्हे हासिल करना किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है.

    जिले में हर वर्ष रबी फसल में लगभग 2 लाख हेक्टेयर में रबी फसल की बुआई होती है, इसमें 1 लाख 35 हजार हेक्टेयर में चना और शेष में गेंहु की बुआई होती है, इस वर्ष अच्छी बारिश के कारण खेतों में सिंचाई के लिए जलस्त्रोत भरे पडे है,इसके चलते इस बार गेंहु बुआई के क्षेत्र में बढत होने का अनुमान कृषी विभाग ने जताया है.

    इसके अलावा चना फसल की बुआई के क्षेत्र में बढत हुई है, लेकिन बुआई के बाद जरुरी तौर पर किसानों को डीएपी खाद नही मिल पा रहा है, इसके विकल्प के तौर पर अन्य तरह के खाद की भी जिले में कमी है, जिससे रबी फसल उत्पादक किसानों के सामने यह संकट माना जा रहा है.

    बाजारों में भी डीएपी खाद उपलबध न होने से कृषी विभाग तहसीलस्तरों पर इसकी आपूर्ति के लिए उपाय करें, एैसी मांग किसानों द्वारा की जा रही है. तो दुसरी ओर इस बारे में स्थानिय कृषि विभाग पहूंचकर खाद के संबंध में शिकायत और मांग करने पर डीएपी खाद की कमी और आपूर्तिँ के संबंध में फिलहाल किसी तरह की जानकारी उपलब्ध नही होने की जानकारी किसानों को दी जा रही है.

    स्थानिय स्तर पर डीएपी खाद की आपूर्ति क्यों नही हो रही है, इसकी जानकारी लेने जब तहसील कृषी अधिक्षक कार्यालय के जरीए ली गयी, तब संबंधित अधिकारी दिवे ने बताया की खाद महामंडल को आपूर्ति डिमांड भेजी जाती है. खाद क्यों उपलब्ध नही हुआ, इस बारे में किसी तरह की जानकारी मुझे नही है.

    इस बारे में एडीए कार्यालय में पुछताछ कर जानकारी लें,इस तरह का जवाब तहसील कृषी विभाग के अधिकारी दिवे ने दिया.जिससे खरीफ के बाद अब रबी सत्र में किसानों को हो रही खाद आपूर्ति की दिक्कतों पर कृषी विभाग कितना तत्पर है इसका अनुमान लगाया जा सकता है.