प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

    • ड्राइविंग लाइसेंस के लिए तय करना पड़ता 100 किमी का सफर  
    • मनसे का अनुमंडल अधिकारी के माध्यम से  कलेक्टर को ज्ञापन
    •  हजारों वाहन चालकों को हो रही असुविधा   

    पुसद. शहर में आरटीओ की ओर से कैंप लगाए जा रहे थे. हालांकि आरटीओ ने पिछले कुछ दिनों से कैंप को बंद कर दिया है. इससे सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानी हुई .नवनिर्माण सेना ने वाहन मालिकों को हो रही असुविधा को रोकने के लिए जिला कलेक्टर से तत्काल कैंप शुरू करने की मांग की है.

    पिछले कुछ दिनों से आरटीओ कैंप बंद होने के कारण वाहन मालिकों को रजिस्ट्रेशन के लिए यवतमाल जाना पड़ रहा है . वर्ष 1970 से शहर के सिंचाई उपविभाग के सामने स्थित शासकीय विश्राम गृह परिसर में परिवहन विभाग द्वारा नियमित रूप से माह में दो से तीन शिविरों का आयोजन किया जाता रहा है . वाहन पंजीकरण शिविर कई वर्षों से भर रहा था. शिविर में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार के वाहनों का पंजीकरण, चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना शामिल था .

    मोटर वाहन निरीक्षक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर वाहनों का पंजीकरण और चालकों को लाइसेंस भी जारी करते थे. हालांकि,शहर की मुख्य सड़क पर स्थित शिविर तहसिल से आने वाले वाहन चालकों के लिए सुविधाजनक था.

    हालांकि, जून 2021 से वाहन पंजीकरण शिविरों को भरने पर एकाएक रोक लगा दी गई थी . इसलिए अब शहर से 100 किलोमीटर दूर मुख्यालय पर कैंप लगाए जा रहे हैं. शहर में कई टू-व्हीलर शोरूम, ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूल हैं. हालांकि, अब इतनी लंबी दूरी तय करने में  काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

    इससे युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए वाहनों के लिए पंजीकरण कराना मुश्किल हो गया है. आम जनता को भारी परेशानी हो रही है . राजस्व विभाग में अधिकांश वाहन मालिकों की असुविधा से बचने के लिए शहर में ही शिविर आयोजित करने की आवश्यकता है . महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से जारी बयान में मांग की गई है कि आरटीओ विभाग को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए.

    इस संबंध में अनुमंडल अधिकारी के माध्यम से कलेक्टर, सांसद भावना गवली, विधायक इंद्रनील नाइक, विधायक एड.निलय नाइक, विधायक डा. वजाहत मिर्जा  को ज्ञापन दिए है. ज्ञापन में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पदाधिकारियों अभय गडम, पुंडलिक शिंदे, गिरीश अनंतवार, महेश आर्य, सुधीर धनगांवकर, महेश शिंदे, देवा राठोड़ और अन्य के हस्ताक्षर हैं .इस समस्या पर जिला प्रशासन के फैसले  पर पुसद के नागरिकों का ध्यान खींचा है.

    आरटीओ कैंप  तत्काल शुरू करें

    पुसद में वाहन धारकों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 100 किमी की दूरी तय कर यवतमाल जाना पड़ता है . इसके लिए काफी नुकसान उठाना पड़ता है और आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है . इसलिए प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेकर पुसद में आरटीओ कैंप शुरू करने की मांग अब जोर पकड़ रही है. पुसद के रेस्ट हाउस में पिछले कई सालों से आरटीओ कैंप लग रहा है. इस कैंप से वाहन मालिकों के लिए लाइसेंस हासिल करना आसान हो जाता है .

    हालांकि, प्रशासन की रोक के चलते रेस्ट हाउस स्थित आरटीओ कैंप कई महीनों से बंद है . नतीजतन वाहन मालिकों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी हताशा भी बढ़ गई है . पुसदकर के लिए 100 किमी की दूरी तय करके यवतमाल जिला स्थान तक पहुंचने और अपना लाइसेंस प्राप्त करने का समय आ गया है .

    कोरोना काल में कई कारोबार चौपट हो गए हैं . हर जगह मंदी है और पुसदकर वाहन धारक को लाइसेंस के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है . वाहनधारक की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर पुसद में तत्काल आरटीओ कैंप शुरू करे.

    हमे आर्थिक  नूकसान  झेलना पड रहा है

    पुसद स्थित शासकीय विश्राम गृह पर शिविर में दोपहिया व चौपहिया वाहनों के लिए परमिट दिया जाता था .लेकिन अब कैंप बंद होने पर हमें यवतमाल स्थित ऑफिस जाना पडता है. इसके लिए हमें अपना सारा काम छोड़कर आर्थिक तंगी को सहकर यवतमाल का चक्कर लगाना पड़ता है, इसलिए फिर से लाइसेंस कैंप शुरू करे ऐसा छात्रा सुष्मिता डोंगरे ने कहा है.