आरजेडी का जेडीयू से गठबंधन का संकेत, कहा- नीतीश कुमार पहले करे यह काम

पटना: बिहार (Bihar) में एक बार फिर राजनीतिक उठापटक (Political turmoil) शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (Janta Dal United) ने एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (Janta Dal United) से गठबंधन करने का संकेत दिया है। शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने कहा, “अरुणाचल में विधायकों के पाला बदलने के बाद अगर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) भाजपा (BJP) से गठबंधन तोड़ते हैं तो, जेडीयू के साथ फिर से गठबंधन को लेकर बात हो सकती हैं।” 

ज्ञात हो कि, शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के सात विधायकों मेसे छह विधायक भाजपा में शामिल होगए। राज्य में एक दिन पहले ही आए पंचायत और नगर निगम चुनाव के बाद यह दलबदल हुआ। बिहार में गठबंधन में रहते हुए जिस तरह भाजपा ने विधायकों को शामिल करवाया है उसके बाद दोनों दलों में दरार आसक्ती है।

भाजपा ने लिए पुराना बदला 

आरजेडी उपाध्यक्ष तिवारी ने कहा, “अरुणाचल में भाजपा ने जेडीयू के छह विधायक अपने पाले में कर पुरानी बात का बदला लिया है। भाजपा द्वारा किए सामूहिक दल बदल के बाद अब नीतीश कुमार को तय करना ही की उन्हें अब गठबंधन में रहना है की नहीं रहना।”

मोदी जल्दी भूलने वाले नेता नहीं 

तिवारी ने 10 साल पुरानी बात याद दिलाते हुए कहा कि, “मोदी किसी भी बात को भूलते नहीं है, किस तरह नितीश कुमार ने मोदी विरोध में भाजपा नेताओं के साथ आयोजित भोज रद्द कर दिया था।” उन्होंने कहा, “उस समय तो नीतीश कुमार ने कहा था की उन्हें भाजपा से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उन्हें नरेंद्र मोदी से दिक्कत हैं. इस बात के लिए मोदी उन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे।”  

नीतीश कुमार का कद किया छोटा 

आरजेडी उपाध्यक्ष ने कहा, “भाजपा ने पहले ही नीतीश कुमार का कद छोटा कर दिया है. वह कई सालों से इसपर काम कर रहे थे। विधानसभा चुनाव में जिस तरह चिराग पासवान को उतार कर जेडीयू उम्मीदवारों के सामने उतार कर जिस तरह वोट कटवाए हैं, वह उसी का प्लान का नतीजा है।”

गौरतलब है कि, विधानसभा चुनाव के ठीक पहले लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने नीतीश कुमार के विरोध में झंडा बुलंद कर दिया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव में जेडीयू के सभी प्रत्याशियों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे थे। चुनाव में एलजेपी के वजह से जेडीयू को बहुत नुक्सान हुआ था. 20 से ज्यादा सीटों पर उसे चिराग की पार्टी  हार का मुँह देखना पड़ा था।