Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh resigns as Chief Minister

    चंडीगढ़. मंत्रिमंडल के अपने दो असंतुष्ट मंत्रियों द्वारा बटाला को पंजाब के नए जिले के रूप में घोषित करने की मांग के दो दिन बाद मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह मुद्दा पहले से ही विचाराधीन है और विभिन्न मुद्दों पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    अमरिंदर सिंह के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करने वाले चार मंत्रियों में शामिल तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शनिवार को बटाला को राज्य का नया जिला बनाने को लेकर उनसे मुलाकात की मांग की थी। बाजवा और रंधावा द्वारा उठाई गई मांग के जवाब में मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि पिछले महीने कांग्रेस के एक अन्य नेता से भी उन्हें इसी तरह का निवेदन मिला था और वह इस मामले को देख रहे हैं।

    मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में दोनों मंत्रियों ने मांग की थी कि बटाला को पंजाब का 24वां जिला घोषित किया जाए। वर्तमान में बटाला गुरदासपुर जिले का हिस्सा है मुख्यमंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों में मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं कि बटाला के निवासियों ने भी सार्वजनिक रूप से अपने क्षेत्र से एक नए जिले की मांग उठाई है। दोनों मंत्रियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे मेरे पास आते और इसके बारे में बात करते, तो मैं उन्हें बता देता कि मैं पहले से ही इस मामले को देख रहा हूं और इस संबंध में उनसे सलाह भी लेता।”

    अमरिंदर सिंह ने कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार को निशाना बनाने के लिए हरपाल सिंह चीमा की खिंचाई की और आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक पर 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के लिए ‘‘हताशा” में ‘‘तथ्यों से खिलवाड़” करने का आरोप लगाया।

    सिंह ने पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता चीमा पर ऐसे वक्त निशाना साधा, जब एक दिन पहले उन्होंने कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि राज्य में कानून-व्यवस्था की समस्या ‘‘बेकाबू” हो गई है और लोगों के बीच ‘‘डर” का माहौल है।

    उधर, कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने सोमवार को कहा कि पार्टी की प्रदेश इकाई में तकरार 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार की ‘‘ऐतिहासिक उपलब्धियों” को लोगों तक ले जाने की ‘‘महत्वपूर्ण प्रक्रिया” में बाधा बन रही है।

    उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को दोगुना करने जैसे बड़े सरकारी फैसले का पूरी तरह से लाभ उठाने में पार्टी कैडर की ‘‘नाकामी” पर चिंता व्यक्त की। पंजाब सरकार ने हाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 750 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये करने की घोषणा की है। (एजेंसी)