Sukhvinder Singh Sukhu and Jairam Thakur

Loading

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) राज्य सभा (Rajya Sabha) चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी को हराकर भाजपा के हर्ष महाजन ने राज्यसभा चुनाव जीत लिया। दोनों दलों के प्रत्याशियों को 34-34 वोट मिले। इसके बाद पर्ची से फैसला हुआ जिसमें भाजपा ने बाजी मारी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते भाजपा को जीत मिली हैं। इसी बीच हिमाचल प्रदेश के के विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के इस्तीफे की मांग की।

एक साल के भीतर ही विधायकों ने सुक्खू साथ छोड़ा

ठाकुर ने कहा, “इतना भारी बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस राज्यसभा सीट हार गई। मैं हर्ष महाजन को एक बार फिर बधाई देता हूं।” उन्होंने कहा, “इस जीत को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के सीएम को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। महज एक साल के भीतर ही विधायकों ने उनका साथ छोड़ दिया है। तो आप कल्पना कर लीजिए।”

विधायक सुक्खू सरकार से नाराज

वहीं, हर्ष महाजन ने कहा, “ये जीत भाजपा की जीत है और सुक्खू सरकार की नाकामियों की हार है। इतनी जल्दी सरकार का ग्राफ गिर जा तो ये दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ये जो क्रॉस वोटिंग हुई है उन्होंने बता के किया है कि वो उनकी सरकार से नाराज हैं।”

हिमाचल में सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने एकलौती राज्य सभा सीट गवां दी। यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है जिसके पास 68 सदस्यीय विधानसभा में 40 विधायक हैं और उसने निर्दलीयों का समर्थन होने का भी दावा किया है। इस परिणाम से यह स्पष्ट हो गया है कि नौ विधायकों ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया।

तीन बार कांग्रेस के विधायक रहे महाजन

भाजपा ने दावा किया था कि महाजन मजबूत स्थिति में हैं क्योंकि कांग्रेस के कई विधायकों ने ‘अंतरात्मा की आवाज सुनकर वोट डालने’ की उनकी अपील पर ध्यान दिया है। अभी भाजपा के राज्य विधानसभा में 25 विधायक हैं। तीन बार कांग्रेस के विधायक रहे और राज्य के पूर्व मंत्री महाजन ने सितंबर 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। (एजेंसी इनपुट के साथ)