जाखड़ की इच्छा के खिलाफ कुछ हो रहा था तो उन्हें नेतृत्व को अवगत कराना चाहिए था: रावत
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    उदयपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ के पार्टी छोड़ने की घोषणा के बाद शनिवार को कहा कि अगर पार्टी में जाखड़ की इच्छा के खिलाफ कुछ हो रहा था तो उन्हें पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रखनी चाहिए थी

    कांग्रेस के पूर्व पंजाब प्रभारी रावत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं समझता था कि जिस समय कांग्रेस के समक्ष चुनौतियां हैं, उस समय चुनौतियों का सामना करने के लिए वह आगे बढ़ेंगे। अगर पार्टी में कुछ चीजें उनकी इच्छा के खिलाफ हो रही थीं तो वह कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व के समक्ष अपनी बात रख सकते थे।” उन्होंने यह भी कहा, ‘‘जाखड़ को अलग विचार रखने का हक है। लेकिन अगर कोई चीज कांग्रेस अध्यक्ष के स्तर पर तय हो जाती हैं तो उसे सबको मानना चाहिए।”

    यह पूछे जाने पर कि क्या जाखड़ का बाहर जाना कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान है तो रावत ने कहा, ‘‘कोई भी छोटा कार्यकर्ता जाता है तो हमें तकलीफ होती है। वह तो नेता थे।” उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह भावना में बहकर कोई कदम नहीं उठाएंगे।” जाखड़ द्वारा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों पर रावत ने कहा, ‘‘वह हमारे छोटे भाई हैं, बड़े भाई के बारे में कुछ कह सकते हैं।”

    पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने कांग्रेस छोड़ने के अपने फैसले का ऐलान करते हुए शनिवार को कहा, ‘‘भविष्य के लिए शुभकामनाएं और अलविदा कांग्रेस।” कांग्रेस ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पिछले महीने उन्हें सभी पदों से हटा दिया था।