scrub typhus

    शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले घटने के बाद अब स्क्रब टाइफस (Scrub typhus) ने दस्तक दे दी है। बदलते मौसम के चलते हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टाइफस के मामले सामने आ रहे हैं। राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आईजीएमसी) (IGMC, Shimla) में मंगलवार को स्क्रब टाइफस के चार नए मामले सामने आए हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इस बात की जानकारी अस्पताल में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. जनक राज (Dr. Janak Raj) ने दी है।

    डॉ. जनक राज ने बताया कि, “आईजीएमसी शिमला में मंगलवार को स्क्रब टाइफस के चार मरीज मिले हैं। यह इन्फैक्टेट चिग्गर्स (infected chiggers) के काटने से फैलता है।”

    बारिश के कारण हरियाली, जलभराव, गंदगी में जूं के आकार के रिकेटसिया कीट उत्पन्न होते हैं। ये कीट इतने जहरीले होते हैं कि, इनके काटने से स्क्रब टाइफस का बुखार काफी तेजी से फैलता है। स्क्रब टाइफस के ज्यादातर मरीज पहाड़ी इलाकों में ही पाए जाते हैं। यह एक जीवाणुजनित संक्रमण है, जिससे लोगों की मौत तक हो जाती है। इसके कुछ लक्षण चिकनगुनिया जैसे होते हैं।

    स्क्रब टाइफस के मरीजों 104-105 डिग्री तक बुखार होता है। साथ ही जोड़ों में दर्द, गर्दन, बाजुओं के निचले भाग व कुल्हों में गिल्टियां (टांसिल) हो जाती हैं। अगर आपको भी इस प्रकार के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डाक्टर को दिखाएं।