DK Shivkumar and CM Sukkhu
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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) राज्य सभा चुनाव (Rajya Sabha Elections) में कांग्रेसी विधायकों की क्रॉस वोटिंग के बाद सरकार पर संकट के बादल बने हुए हैं। इसी बीच कांग्रेस पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) ने गुरुवार को दावा किया कि हिमाचल सरकार पर कोई संकट नहीं है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ही राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। सभी विधायकों ने मतभेद सुलझा लिए हैं और एकजुट है।

डीके शिवकुमार ने कहा, “हमारे सीएम ने स्वीकार किया कि कुछ विफलता हुई है। लेकिन यह आगे जारी नहीं रहेगा। हमने सभी विधायकों से व्यक्तिगत तौर पर बात की है। हमने पीसीसी अध्यक्ष, सीएम से बात की है। एक दौर की चर्चा बाद में होगी।”

पार्टी-सरकार को बचाने 6 सदस्यीय समन्वय समिति

शिवकुमार ने कहा, “सभी विधायकों ने अपने सभी मतभेद सुलझा लिए हैं। वे साथ मिलकर काम करेंगे। हम पार्टी और सरकार के बीच पांच से छह सदस्यों की एक समन्वय समिति बना रहे हैं। वे सभी मिलकर पार्टी को बचाने और सरकार को बचाने के लिए काम करेंगे।”

हिमाचल में ऑपरेशन लोटस नहीं

जब पूछा गया कि क्या सुक्खू 5 साल तक सीएम बने रहेंगे? इस सवाल का जवाब देते हुए शिवकुमार ने कहा, “हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है और सुक्खू सीएम हैं। सभी विधायक 5 साल के लिए कांग्रेस सरकार चाहते हैं। यहां कोई ऑपरेशन लोटस नहीं है।”

समन्वय समिति में होंगे सीएम, पीसीसी, डिप्टी सीएम

वहीं, कांग्रेस पर्यवेक्षक भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, “सीएम, पीसीसी, डिप्टी सीएम और तीन सदस्यों की 6 सदस्यीय समन्वय समिति गठित की जाएगी। इन तीन सदस्यों के नामों की घोषणा बाद में की जाएगी।”

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “राज्यसभा चुनाव के बाद सभी को लगने लगा कि हिमाचल प्रदेश सरकार टूट रही है। मुझे यह भी खबर मिली कि राज्य के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, जिसकी मैंने कड़ी निंदा की, यह सब यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया था कि अंतिम मतदान के दौरान हमारी संख्या कम हो जाए।”

उन्होंने कहा, “मैं पूछना चाहता हूं कि बीजेपी किस बहुमत की बात कर रही है? उन्होंने ही सदन में हंगामा किया। मैं बीजेपी से ये कहना चाहता हूं कि वो बिना बहुमत के किस तरह की ओछी राजनीति कर रहे हैं. उनका एकमात्र उद्देश्य हमारी सरकार को गिराना है, लोग उन्हें उचित जवाब देंगे।”