झारखंड राज्य दिवस पर दिल्ली के प्रगति मैदान का एम्फी थियेटर हुआ गुलजार, दिखी राज्य की परंपरा और संस्कृति की झलक

    -ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची: झारखंड (Jharkhand) प्रकृति के गर्भ में बसा और अपनी आदिवासी संस्कृति के लिए पहचाना जाने वाला प्रदेश है| यहां का सामाजिक परिवेश, रहन-सहन, लोक संस्कृति अतुलनीय है| दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के झारखंड पवेलियन (Jharkhand Pavilion) में झारखंड राज्य दिवस का आयोजन किया गया। जिसमे झारखंड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित किया गया| इस अवसर पर झारखंड के पेयजल और स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने झारखंड पवेलियन में भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और दीप प्रज्वल्लित कर पवेलियन के सभी स्टॉलों का अवलोकन किया | 

    पवेलियन में लगे स्टालों में उनके हुनर और कार्य प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रेड फेयर (Trade Fair) राज्य में होने वाले विकास को प्रदर्शित करने का अच्छा मंच है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू सहित अन्य वीर सपूतों की भूमि हैं, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी| झारखंड राज्य संस्कृति, पर्यटन, कला, खनिज सभी रूप से परिपूर्ण है| हमारे पास देश की कुल खनिज सम्पदा का 40% भाग है, जिसमे लोहा, सोना, अभ्रक, यूरेनियम आदि प्रचुर मात्रा में हैं|

    पर्यटन के दृष्टिकोण से प्रदेश में असीम सम्भावनाएं 

    उन्होंने कहा कि हमारे पास तीर्थ स्थलों में बाबा वैद्यनाथ, रजरप्पा मंदिर, इटखोरी मंदिर, मलूटी के मंदिर आदि है | पर्यटन के दृष्टिकोण से हमारे प्रदेश में असीम सम्भावनाएं है, बेतला नेशनल पार्क, नेतरहाट, हजारीबाग आदि पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते है | प्रदेश के उद्योग विभाग की नई औद्योगिक नीति सूक्ष्म, लघु और भारी उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली है| झारखंड खेल के क्षेत्र में भी काफी प्रगति कर रहा है, महेंद्र सिंह धौनी, दीपिका कुमारी अभी हुए ओलम्पिक में अपना जौहर दिखाने वाली निक्की प्रधान, सालिमा टेटे आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण है | इस अवसर पर  मंत्री  मिथिलेश कुमार ठाकुर ने प्रगति मैदान में लगे मेले के अन्य पवेलियन का भी अवलोकन किया और खरीदारी भी की |  

     उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा

    उद्योग विभाग और खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि झारखंड प्रदेश धार्मिक, पर्यटन, खनिज, संस्कृति और उद्योग का साक्ष्य है| प्रदेश के उद्योग विभाग ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति का निर्माण किया है, जिससे सभी उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा| इस नीति में झारखंड के मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के विकास के लिए खासतौर पर रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनाई है, जिससे हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगो को उद्योग स्थापित करने में सुगमता रहें| झारखंड विविधताओं का प्रदेश है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अनुपम है, जो प्रदेश को पर्यटन के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ बनता है| पर्यटन विभाग उसको और सार्थक बनाने के लिए ईको टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म आदि चला रहा है| भारत सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखंड फोकस स्टेट है| हमने यहां अपने प्रदेश की संस्कृति, लोककला और उत्पादों को प्रदर्शित किया है| 

     संथाली नृत्य प्रस्तुत किया गया

    झारखंड राज्य दिवस पर एम्फी थियेटर में झारखंड के प्रभात कुमार महतो द्वारा छऊ नृत्य, अशोक कच्छप द्वारा पाइका नृत्य, झिंगगा भगत मनोरंजन कला संगम द्वारा ओरॉन नृत्य, आर. आर. मेहता द्वारा मुंदरी नृत्य, झिंगगा भगत द्वारा नागपुरी नृत्य और बबीता मुर्मू द्वारा संथाली नृत्य प्रस्तुत किया गया| इस अवसर पर झारखंड राज्य के प्रशिक्षण और कौशल विकास मंत्री सत्यानंद भोक्ता, झारखंड सरकार के स्थानिक आयुक्त मस्त राम मीणा, उद्योग और खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव  पूजा सिंघल,  ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  मनीष रंजन, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस कृपानन्द झा के अलावा कई पदाधिकारी उपस्थित थे|