सरकारी मदरसे बंद करने विधानसभा में विधेयक पेश, कांग्रेस ने किया विरोध

दिसपुर: असम सरकार (Assam Government) ने सोमवार को राज्य के सभी सरकारी मदरसों और संस्कृत संस्थाओं को बंद करने वाला विधेयक (Bill) विधानसभा (State Assembly) में पेश कर दिया है। राज्य के शिक्षा मंत्री (Education Minister) हेमंता बिस्वा शर्मा (Hemanta Biswa Sarma) ने इस विधेयक को पेश किया, जिसके तहत सभी मदरसों को सामान्य शिक्षा केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा साथ ही भविष्य में कोई नया मदरसा शुरू नहीं किया जाएगा। राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) और बदरुद्दीन (Badruddin) की एआईयुडीएफ (AIDUF) ने इस बिल का विरोध किया है।

ज्ञात हो कि, 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनावल की बैठक में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस बिल को मंजूरी दी थी इस दौरान शिक्षा मंत्री सरमा ने कहा था कि इस बिल को लाने का मुख्या मुद्दा  शिक्षा में धर्मनिरपेक्ष पाठ्यक्रम लाने के लिए है

धर्मनिरपेक्ष पाठ्यक्रम लाने के लिए बिल 

विधेयक पेश करने के बाद मंत्री सरमा ने कहा, “हमने एक बिल पेश किया है जिसके तहत सभी मदरसों को सामान्य शिक्षा के संस्थानों में बदल दिया जाएगा और भविष्य में सरकार द्वारा कोई मदरसा स्थापित नहीं किया जाएगा। शिक्षा प्रणाली में वास्तव में धर्मनिरपेक्ष पाठ्यक्रम लाने के लिए हमें यह बिल पेश करने में खुशी हो रही है।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस और AIUDF (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) ने इस विधेयक का विरोध किया है। लेकिन हम दृढ़ हैं कि इस विधेयक को पारित करने की आवश्यकता है और इसे पारित किया जाएगा।”

740 मदरसे होंगे बंद 

सरकार द्वारा पेश इस बिल के पास होजाने के बाद राज्य के कुल 740 सरकार द्वारा अनुदानित मदरसे बंद हो जाएंगे। इन मदरसों में 198 में उच्च और 542 सामान्य मदरसे हैं। हालांकि मंत्री ने साफ़ कहा था की निजी मदरसों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, वह पहले के जैसे चलते रहेंगे।