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    चेन्नई: समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, तमिलनाडु सरकार ने NEET परीक्षा से छूट देने वाला एक विधेयक पारित किया है। बता दें कि, एक छात्र द्वारा आत्महत्या करने के बाद नीट के मुद्दे को लेकर राज्य में गर्मागर्मी चल रही थी। इस विषय पर विधानसभा में भी काफी हंगामा हुआ। इसी वजह से अब कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर एमबीबीएस/बीडीएस में प्रवेश दिया जाएगा। वहीं इस विधेयक का अन्नाद्रमुक ने समर्थन किया तो दूसरी तरफ बीजेपी ने सदन से वाकआउट किया। 

    सदन में मुख्यमंत्री स्टेलिन ने कहा कि तमिलनाडु में पहली बार नीट का आयोजन तब किया गया जब पलानीस्वामी मुख्यमंत्री थे. यह उस समय भी नहीं किया गया था जब जयललिता मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने कहा कि, हाल के वर्षों में जिन छात्रों ने भी आत्महत्याएं की वह पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री रहते हुए ही की है।

    वहीं सदन शुरू होते ही विपक्षी दल के नेता के पलानीस्वामी ने सलेम में रविवार को आत्महत्या करने वाले 19 वर्षीय छात्र धनुष का मुद्दा उठाया और सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि द्रमुक ने नीट को रद्द करने का वादा किया था, लेकिन यह नहीं किया गया और बहुत से छात्र इसके लिए तैयार नहीं थे। पलानीस्वामी के कुछ बयानों को विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पवु ने रिकॉर्ड से हटा दिया। 

    बता दें कि, 12 सितंबर को देशभर में नीट का आयोजन किया गया था। उससे कुछ घंटे पहले तमिलनाडु के सलेम जिले में एक 19 वर्षीय छात्र ने नीट परीक्षा के पहले आत्महत्या कर ली। वह 2019 में 12वीं पास हुआ था। उसका यह नीट तीसरा अटेम्प्ट था। जिसके बाद मुख़्यमंत्री ने रविवार को कहा था की द्रमुक सरकार कल विधानसभा में नीट परीक्षा रद्द करने के लिए बिल पारित करेगा।