British High Commission Deputy High Commissioner congratulated Hemant Soren, the government gave wings to the future of Jharkhand

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. कोलकाता (Kolkata) स्थित ब्रिटिश हाई कमीशन (British High Commission) के डिपुटी हाई कमीशनर (Deputy High Commissioner) निक लो ने आज ट्वीट कर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत इंग्लैंड और आयरलैंड की यूनिवर्सिटी में 6 छात्रो को  उच्च शिक्षा दिलाने के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी।

    हेमंत सोरेन ने आज इन सभी 6 छात्रों और उनके माता पिता का सम्मान किया जो उच्च शिक्षा हेतु इंगलैंड और आयरलैंड जाने वाले हैI सम्मान समारोह में सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना अनुसूचित जनजाति के छह छात्रों के लिए अपना भविष्य गढ़ने का वाहक बनेगा। ये सभी इंग्लैंड और आयरलैंड की यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा ग्रहण करेंगे। सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित  मंत्री चाम्पाई सोरेन ने इन स्कॉलरशिप को पाने वाले छात्रों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा आज झारखंड के 6 आदिवासी बच्चे उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम जा रहें हैं। इन्हें यह मौका मिलना चाहिए था। सरकार का लक्ष्य 10 बच्चों के चयन का था, लेकिन अब आनेवाले दिनों में 10 से अधिक बच्चों का चयन कर उन्हें विदेश में उच्च शिक्षा देने का अवसर दिया जाएगा। 

    झारखंड सरकार के इस फैसले पर बजट का समायोज करें 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में उच्च शिक्षा हेतु 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। बजट में बचने वाली राशि का समायोजन अगले वित्तीय वर्ष में विभाग करें ताकि अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर विदेश में मिल सके। राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के उद्यमियों को उद्योग स्थापना में भी सहयोग दे रही है। झारखंड औधोगिक और निवेश प्रोत्साहन नीति 2021 में इन वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार से भी इन वर्गों को टैक्स में राहत देने का आग्रह सरकार द्वारा किया गया है। आज हम भौतिकवादी युग में जी रहें हैं। आदिवासी वर्ग शैक्षिक रूप से पीछे रहें हैं। राज्य सरकार इस पर लगातार मंथन कर रही है कि कैसे वंचित, कमजोर, दलित, पिछड़ा वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य किया जाए। सरकार इन वर्गों के लिए सदैव खड़ी है। 

    अपने आंतरिक संसाधनों का करेंगे उपयोग 

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार राज्य के आंतरिक संसाधनों का उपयोग कर आगे बढ़ेगी। झारखंड को अपने पैरों पर खड़ा होना आवश्यक है। ताकि नई पीढ़ी नये नजरों से झारखंड को देख सके। राज्यवासी और उनकी भावनाओं के साथ झारखंड आगे बढ़ेगा। 

    अन्य वर्गों को भी मिलेगा अवसर 

    मुख्यमंत्री ने कहा फिलहाल यह योजना आदिवासी समुदाय के छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर दे रही है, आनेवाले समय में अन्य वर्गों के बच्चों को भी अवसर देने पर सरकार विचार करेगी। सरकार ने राज्य में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता पहुंचा रही है ताकि उनके आगे की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा ना आये। 

    ऐतिहासिक लोगों ने झारखंड में जन्म लिया 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा का नाम सदैव जिन्दा रहेगा। जयपाल सिंह मुंडा ने ना सिर्फ ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण की बल्कि संविधान निर्माण में भी भूमिका निभाई। झारखंड में ऐसे व्यक्तियों ने समयकाल में जन्म लिया है, जिनका जिक्र हम सदियों तक करते रहेंगे। ये सभी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक रूप से कमजोर रहें हैं। लेकिन अपने आत्मविश्वास, सहनशक्ति से कृतिमान स्थापित किया जो विरले ही देखने को मिलता है। 

    गौरवान्वित हूं बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहें हैं 

    मंत्री चम्पई सोरेन ने कहा कि आज का दिन इतिहास के पन्नों में लिखा जायेगा। मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना से अनुसूचित जनजाति के छात्र लाभान्वित हो रहें हैं। यह सराहनीय कदम है। मुझे गौरव की अनुभूति हो रही है। एक समय था जब मैं बोरा में बैठकर प्राइमरी स्कूल की शिक्षा ली है। यह सुखद क्षण है कि मेरे हस्ताक्षर से राज्य के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहें हैं। जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड को अलग पहचान दी है। झारखंड उनके दिल में बसता था। आज का दिन महत्वपूर्ण है। शिक्षा बहुत जरूरी है। बिना शिक्षा के हम विकास नहीं कर सकते। शिक्षा के माध्यम से ही हम सही दिशा में जा सकेंगे। हम राज्य के युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड को संवारेंगे।

    इसी माह विदेश जाएंगे चयनित छात्र 

    राज्य सरकार मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय स्कॉलरशिप स्कीम के तहत इंग्लैंड एवं आयरलैंड की यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए ट्यूशन फीस सहित उनके रहने एवं अन्य खर्च वहन करेगी। इसके लिए प्रति वर्ष झारखंड के रहने वाले 10 अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों का चयन किया जाएगा। 

    इन्हें मिलेगा स्कॉलरशिप 

    स्कॉलरशिप के लिए चयनित छात्रों में हरक्यूलिस सिंह मुंडा, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के स्कूल ऑफ ओरिएन्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज में एमए की पढ़ाई करने जा रहे हैं। अजितेश मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में आर्किटेक्चर में एमए की पढ़ाई करेंगे। आकांक्षा मेरी का चयन लॉ बॉर्ग यूनिवर्सिटी में क्लाइमेट चेंज साइंस एंड मैनेजमेंट में एमएससी के लिए हुआ है। दिनेश भगत यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स में क्लाइमेट चेंज, डेवलपमेंट एंड पॉलिसी में एमएससी की पढ़ाई करेंगे। इसके अतिरिक्त अंजना प्रतिमा डुंगडुंग यूनिवर्सिटी ऑफ वार्विक में एमएससी और प्रिया मुर्मू लॉ बॉर्ग यूनिवर्सिटी में क्रिएटिव राइटिंग एंड द राइटिंग इंडस्ट्रीज में एमए की पढ़ाई के लिए चयनित हुई हैं। 

    इस अवसर पर मुख्य सचिव  सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव  केके सोन, आदिवासी कल्यातण आयुक्तर  नमन प्रियेश लकड़ा, अपर सचिव कल्याण विभाग  अजयनाथ झा एवं अन्य उपस्थित थे।