Asani Cyclone
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    भुवनेश्वर. चक्रवाती तूफान ‘असानी’ (Cyclone Asani) आंध्र की तट (Andhra Coast) की ओर बढ़ रहा है। जिसके लिए रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया गया है। यह दोपहर बाद करीब 4.30 बजे आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से करीब 210 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व में और ओडिशा के गोपालपुर से 510 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित था।

    आंध्र के लिए रेड अलर्ट जारी

    आईएमडी के वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने कहा कि, असनी आंध्र तट की ओर बढ़ रहा है। आंध्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके सुबह तक काकीनाडा या विशाखापत्तनम के करीब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि, सुबह के बाद यह घुमावदार होगा। इसके बाद यह ओडिशा तट की ओर आएगा। जहां भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है।

    179 शेल्टर तैयार 

    उधर, पुरी के उप-कलेक्टर, भाबतरन साहू ने कहा कि, “चक्रवाती तूफान ‘असानी’ के बीच, हमने चिकित्सा आपात स्थितियों सहित किसी भी संभावित गतिविधियों का सामना करने के लिए 179 चक्रवात शेल्टर की स्थापना की है। यदि आवश्यक हो, तो हम पुरी जिले के निचले इलाकों में भी निकासी प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार हैं।

    ODRAF की चार टीमें तैनात

    साहू ने कहा, “हमने निचले इलाकों के किसानों को भारी बारिश से पहले अपनी फसल पूरी करने के लिए एक घोषणा और सूचित किया है। इसके अलावा, चक्रवात ‘असानी’ के कारण सरकारी कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के अवकाश रद्द कर दिए गए हैं। ODRAF की चार टीमों को तैनात किया गया है।”

    चक्रवाती तूफान कमजोर पड़ने लगा

    भुवनेश्वर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एच. आर. विश्वास ने कहा कि भीषण चक्रवाती तूफान कमजोर पड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं की गति मंगलवार रात तक घटकर 80 से 90 किलोमीटर और बुधवार शाम तक 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी। मौसम विज्ञान विभाग ने मछुआरों को बृहस्पतिवार तक गहरे समुद्र में न जाने को लेकर आगाह किया है, क्योंकि ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। 

    बेहद खराब हो सकती है स्थिति

    समुद्र में मंगलवार को काफी हलचल रहने की संभावना है और 12 मई को स्थिति बेहतर होने से पहले बेहद खराब भी हो सकती है। चक्रवात के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सोमवार को भारी से मध्यम बारिश हुई थी।

    पांच नौकाएं डूबी, 65 मछुआरों की बची जान

    राज्य सरकार ने घोषणा की कि आईएमडी की चेतावनी की अनदेखी कर गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले गंजाम जिले के छतरपुर के पास समुद्र में मछली पकड़ने वाली पांच नौकाओं के पलट जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। इन हादसों में सभी 65 मछुआरे तैरकर किनारे आ गए।

    एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब पांच मछुआरों को ले जा रही एक नाव पलट गई और उसने चार अन्य नौकाओं को टक्कर मार दी जिनमें कुल 60 लोग सवार थे। इस हादसे में सभी नौकाएं डूब गईं।