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    राजकोट. डेल्टा से पांच गुना खतरनाक कोरोना वायरस (Coronavirus) का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) ने भारत (India) समेत अन्य देशों की चिंता बढ़ा दी है। कर्नाटक (Karnatak) में इस नए वैरिएंट के दो मामले मिलने के बाद गुजरात (Gujrat) में ओमिक्रॉन ने एंट्री ले ली है और जामनगर में एक 72 वर्षीय शख्स को अपनी चपेट में ले लिया है। यह शख्स जिंबाब्वे से जामनगर आया था। इसी बीच राजकोट के म्यूंसिपल कमिश्नर ने बताया कि राजकोट शहर में उच्च जोखिम वाले देशों से 12 लोग आए हैं। प्रशासन इन सभी पर नजर बनाए हुए हैं।

    राजकोट के म्यूंसिपल-कमिश्नर अमित अरोड़ा ने कहा, “राजकोट शहर में 112 लोग विदेश से आए हैं। 12 लोग उच्च जोखिम वाले देशों से हैं जिनमें ब्रिटेन के 10 लोग और जर्मनी के 2 लोग शामिल हैं। टीमें रोजाना उनकी निगरानी कर रही हैं। 8वें दिन उनका आरटी-पीसीआर टेस्ट भी होगा।”

    वहीं, गुजरात में ओमिक्रॉन का केस मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर गुजरात में कोरोना को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए। इसी के साथ उन्होंने उच्च जोखिम वाले देशों समेत अन्य देशों से आने वाले यात्रियों की RT-PCR टेस्ट करने को कहा है। अगर कोई कोरोना संक्रमित पाया गया तो उन की निगरानी करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने टेस्टिंग ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट 3टी पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करने को कहा है। इसके अलावा सोशल डिस्टन्सिंग समेत कोरोना नियमों का पालन करने की अपील की है।

    दरअसल, 28 नवंबर को एक शख्स जिंबाब्वे से जामनगर आया और 30 नवंबर को उसकी कोरोना टेस्ट की गई थी, जिसमें वह पॉजिटिव निकला। इसके बाद उसका नमूने जीनोम सीक्वेंस टेस्ट के लिए पुणे लैब को भेजे गए थे। जहां, इस व्यक्ति के ओमिक्रॉन संक्रमित होने की बात उजागर हुई।

    स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने बताया कि एक दिसंबर से अब तक उच्च जोखिम वाले 11 देशों समेत अन्य देशों से करीब साढ़े चार हजार विदेशी यात्रियों का टेस्ट किया गया है।

    ज्ञात हो कि, देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के अब तक चार मामले सामने आए हैं। जिसमें से दो कर्नाटक, एक गुजरात और महाराष्ट्र में मिला।

    बता दें कि ओमिक्रॉन को लेकर जुटाए गए अभी तक की शुरुआती डेटा के मुताबिक, ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों को बहुत अधिक थकान, गले में खराश, मांशपेशियों में दर्द जैसी समस्याएं आती हैं। इस वैरिएंट के लक्षण डेल्टा वैरिएंट से थोड़े अलग हैं। बड़ी बात ये है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति के स्वाद और गंध की क्षमता में कोई बदलाव नहीं देखा गया है। इसके साथ ही WHO ने ओमिक्रॉन को फिलहाल ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ (चिंताजनक) की कैटिगरी में डाला है। ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर अभी कुछ भी सही तरीके से स्पष्ट नहीं हुआ है।