झारखंड की नई औद्योगिक निवेश नीति-2021 का मसौदा तैयार, निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से विशेष सब्सिडी समेत अन्य छूट देने की तैयारी

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने झारखंड की नई औद्योगिक निवेश नीति-2021 का मसौदा तैयार कर लिया है। इसमें उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने, मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges), सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों (Super Specialty Hospitals) की स्थापना और शराब उत्पादन के लिए डिस्टिलरी प्लांट लगाने के इच्छुक निवेशकों पर फोकस किया गया है। निवेशकों को राज्य सरकार की ओर से विशेष अनुदान के साथ अन्य तरह की छुट देने की तैयारी है। सब्सिडी की अधिकतम राशि 20 करोड़ को बढ़ाकर 25 करोड़ रुपए कर दी गई है। इस नई नीति की मंजूरी के लिए प्रस्ताव राज्य मंत्रिपरिषद को भेज दिया गया है। इस पर जल्द ही स्वीकृति मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार की पुरानी औद्योगिक नीति की मियाद 31 मार्च-2021 तक ही प्रभावी थी। एक अप्रैल से राज्य में निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए कोई भी नीति प्रभावी नहीं है। इसलिए प्रस्ताव में नई नीति को एक अप्रैल-2021 से ही प्रभावी करने की बात भी कही गई है। नई नीति में डिस्टिलरी प्लांट लगाने पर सरकार ने विशेष सब्सिडी और छूट देने का प्रावधान किया है।

    मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, प्राइवेट यूनिवर्सिटी, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना में पूंजी निवेश की 25% राशि या अधिकतम 25 करोड़ रुपए 5 वर्षों में सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा जमीन के निबंधन में स्टांप ड्यूटी नहीं लिया जाएगा। स्टील, सीमेंट, टेक्सटाइल समेत अन्य बड़े उद्योग, जिनकी स्थापना में 400 करोड़ रुपए का निवेश होगा, उन्हें 25 करोड़ रुपए तक सब्सिडी समेतअन्य छूट देने का प्रावधान है।  राज्य सरकार का मानना है कि झारखंड में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े इंस्टीट्यूट की कमी है।

    प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा

    इन क्षेत्रों में बड़े पूंजी निवेशक के आने से सरकार को करोड़ों रूपए का राजस्व मिलेगा। ऐसी संस्थानों के निर्माण से झारखंड एक एजुकेशन हब बन जाएगा और झारखंड से प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य की स्थिति पहले से और ज्यादा मजबूत होगी। दूसरी ओर शराब प्लांट लगाने से एक डिस्टलरी प्लांट लगने पर  एक से दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। नयी औद्योगिक नीति में निवेशकों द्वारा एंकर यूनिट की स्थापना की जाती है तो उसे प्रत्येक जिले में प्रथम दो यूनिट में किए गए निवेश पर पूंजी की अतिरिक्त पांच प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसी तरह अर्ली बर्ड यूनिट की स्थापना दो साल के भीतर की जाती है तो उस निवेशक को पूंजी निवेश की 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।