ontracted para medical workers took 1500 employees of Jharkhand Nepal House hostage

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. पूर्व नियोजित प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत राज्य भर से सैकड़ों की संख्या जुटे झारखंड अनुबंधित पारा चिकित्साकर्मी (Contract Para Medical Personnel) अपनी मांगों को लेकर झारखंड सरकार (Jharkhand Government) के प्रति रोष प्रकट करते हुए झारखंड सरकार के सचिवालय (नेपाल हाउस) में ताला (Lock) जड़ दिया है। राज्य भर से सैकड़ों की संख्या में पारा चिकित्साकर्मी अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे। सरकार द्वारा इनकी मांगों को अनदेखा किए जाने के पश्चात आज दोपहर तक धीरे-धीरे इनका प्रदर्शन उग्र होता गया और इन्होंने नेपाल हाउस के दोनों गेट पर ताला जड़ दिया है।

    इस प्रदर्शन में झारखंड सरकार के सचिवालय नेपाल हाउस के 10 विभाग के लगभग 1500 कर्मचारी यहां बंधक बन गए। नेपाल हाउस में स्वास्थ्य विभाग के अलावा, कृषि पशुपालन और सहकारिता, योजना, उद्योग, खान, उच्च शिक्षा, वन पर्यावरण, पेयजल स्वच्छता, जल संसाधन और श्रम विभाग के अलावा डेवलेपमेंट कमिश्नर का भी दफ्तर है। कई विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी अंदर फंसे हैं। हालांकि किसी विभाग के मंत्री सोमवार को दफ्तर नहीं पहुंचे थे।

    बढ़ा दी गई है पुलिस बल की संख्या

    प्रदर्शनकारी अपनी सेवा समायोजित करने की मांग कर रहे हैं। इनका आरोप है कि मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने चुनाव के समय वादा किया था कि सभी अनुबंध कर्मियों को नियमित किया जाएगा। अब दो साल बीत जाने के बाद वे अपने वादे से मुकर रहे हैं। प्रदर्शनकारी का काफिला नेपाल हाउस के पास लगातार बढ़ता जा रहा हैI आंदोलन उग्र होने और विवाद बढ़ने की स्थिति को देखते हुए धरनास्थल पर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गयी है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस गेट को खोलने की मांग कर रहे थी पर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में गेट पर ताला लगाकर डटे हुए थेI पुलिस अधिकारीयों के समझाने पर भी ये लोग वहां से फिलहाल हटने को  तैयार नहीं हुए।

    2 वर्ष से लंबित है मांग

    पारा स्वास्थ कर्मियों से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनकी कई मांगे पिछले दो वर्षों से लंबित पड़ी है सरकार ने कोरोना की महामारी के समय भी उनसे काम लिया पर अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। उन्होंने अपनी मांगों के सम्बन्ध में बतया कि अनुबंध पर कार्यरत पारा चिकित्सा कर्मियों का झारखंड पारा मेडिकल काउंसिल से निबंधन करवाया जाना था, जिसे सरकार अब तक नहीं करायी। इसी तरह नियमित नियुक्ति होने तक समान कार्य, समान वेतन तथा 60 वर्षों तक सेवा गारंटी दिए जाने की मांग, वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न संभागों में अनुबंध पर कार्यरत सभी पारा मेडिकल कर्मियों की नियुक्ति नियमित करने और एनएचएम के अंर्तगत कार्यरत पारा चिकित्सा कर्मियों की वेतन विसंगति को दूर कर एक समान मानदेय प्रदान करने की मांग की जा रही है जिसे सरकार अब पूरी तरह अनदेखा कर रही हैI 

    …तो आन्दोलन और तेज किया जाएगा

    प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अविलम्ब उनकी मांगे नहीं मानी गई तो आन्दोलन और तेज किया जाएगा और इसमें किसी भी तरह की अप्रिय घटना होगी तो उसके लिए झारखंड सरकार जिम्मेदार होगी I