Mayor asked for a certificate of Rs 22 crore given to private works by the government, the officers did not give a satisfactory answer

    – ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची : गुरुवार को रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation) की मेयर डॉ. आशा लकड़ा (Dr. Asha Lakra) ने अभियंत्रण शाखा (Engineering Branch) के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मेसर्स शंभू सिंह (Shambhu Singh) को दिए गए 22 करोड़ के प्रमाण पत्र, केजीएन कंस्ट्रक्शन (KGN Construction) द्वारा किए गए आधे-अधूरे नाली का निर्माण aur मेसर्स अवधेश सिंह को मोरहाबादी मैदान के चारों ओर पेवर ब्लॉक लगाने का कार्य दिए जाने पर जानकारी मांगी गई, परंतु अधिकारियों ने इनमें से किसी विषय पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया। 

    इससे यह स्पष्ट है कि अभियंत्रण शाखा के अधिकारी नियम-कानून को ताक पर रखकर ठेकेदार और निजी एजेंसियों को लाभ पहुंचा रहे हैं। जब राज्य सरकार ने निर्माण कार्य से संबंधित सामग्रियों का रेट निर्धारित कर रखा है तो कार्यपालक अभियंता किसके आदेश पर रेट बढ़ाकर किसी ठेकेदार को दो करोड़ के काम के बदले 22 करोड़ का भुगतान प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं। नगर कमिश्नर इस मामले की जांच करा रहे थे, लेकिन अब तक कार्यपालक अभियंता पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस संबंध में नगर कमिश्नर को पूर्व में पत्राचार भी किया जा चुका है।

    कार्य के लिए निगम परिषद से स्वीकृति भी नहीं ली गई

    इसी प्रकार, मोरहाबादी मैदान के चारों ओर पुनर्विकास योजना के तहत संवेदक अवधेश सिंह को 4,84,17,900 रूपये का काम दिया गया है। जबकि इस कार्य के लिए निगम परिषद से स्वीकृति भी नहीं ली गई है। नगर आयुक्त ने अब तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि इस कार्य के लिए भुगतान किस मद से किया जाएगा।

    अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था

    बैठक में सिवरेज एंड ड्रनेज योजना से संबंधित कार्यों पर भी चर्चा की गई। इस क्रम में अधिकारियों से यह जानकारी मांगी गई कि सिवरेज एंड ड्रेनेज योजना के तहत नई एजेंसी ने अब तक क्या-क्या कार्य किए, परंतु अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। पूर्व में अधिकारियों से एजेंसी के साथ किए गए एकरारनामा और एजेंसी की ओर से टेंडर हासिल करने के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की कॉपी मांगी गई थी, लेकिन अभियंत्रण शाखा के अधिकारियों ने अब तक न तो कागजात उपलब्ध कराए और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी। 

    10 दिनों के अंदर बनाएं

    इस विषय पर पूछे जाने पर मेयर ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी मिली है, सिवरेज एंड ड्रेनेज का काम कर रही एजेंसी ब्लैकलिस्टेड है। फिर भी इस एजेंसी को नगर विकास विभाग ने सिवरेज एंड ड्रेनेज के शेष कार्यों को पूरा करने का काम दे दिया। इधर ठेकेदारों ने मेयर से शिकायत किया है कि जब तक टेबल पर पैसा नहीं पहुंचाया जाता है, तब तक सीएस नहीं बनाया जाता है। मेयर ने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं का सीएस तैयार करना है, 10 दिनों के अंदर बनाएं।

    गड़बड़ी करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा

    मेयर ने यह भी कहा कि अधिकारी टेंडर का निष्पादन कर सिर्फ और सिर्फ कमीशन का खेल खेल रहे हैं। मेयर आशा लकड़ा ने आरोप लगाते हुए कहा कि रांची नगर निगम के अभियंताओं और ठेकेदारों के बीच साठ-गाठ है। निगम क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच नहीं की जा रही है। मेयर ने अभियंताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि निर्माणाधीन योजनाओं की समीक्षा करें और फील्ड विजिट कर हो रहे कार्यों की जांच करें। मेयर ने अभियंत्रण शाखा के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि निगम में जितनी भी गड़बडी हो रही है, उस पर नजर रखी जा रही है। गड़बड़ी करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। 

    अधिकारी टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर रहे हैं

    मेयर ने कहा कि रांची नगर निगम के अभियंत्रण शाखा में कुछ चुनिंदे ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए अभियंता और अधिकारी टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर रहे हैं। समाचार पत्रों में भी अभियंत्रण शाखा में की गई गड़बड़ियों से संबंधित खबरें प्रकाशित की जा रही है। फिर भी नगर विकास विभाग के मंत्री या विभागीय सचिव चुपी साधे हुए हैं। जल्द ही राज्य सरकार को पत्र के माध्यम से सूचित कर अभियंत्रण शाखा से संबंधित कार्यों की जांच कराने की मांग की जाएगी, ताकि आने वाले समय मे भ्रष्ट अधिकारियों पर उचित कार्रवाई की जा सके। यदि राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कि गई तो इस लूट-खसोट को रोकने के लिए आंदोलन भी किया जाएगा । बैठक में उप नगर आयुक्त कुंवर सिंह पहान, रजनीश कुमार, कार्यपालक अभियंता रमेश कुमार सिंह , गौतम सिन्हा, समेत सहायक अभियंता, कनीय अभियंता उपस्थित थे।