कार्य की धीमी गति से मनरेगा आयुक्त नाराज, सम्बंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण करने का दिया निर्देश

    -ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची: मनरेगा आयुक्त (MNREGA Commissioner) राजेश्वरी बी ने सभी उप विकास आयुक्त के साथ मनरेगा योजना और रूर्बन के क्रियान्वयन की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। बैठक में मनरेगा आयुक्त ने मनरेगा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की जिलावार विस्तार से समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में अपेक्षाकृत कम प्रगति करने वाले जिलों के डीडीसी को मनरेगा आयुक्त  ने कार्य में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। 

    मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा कार्य का उदेश्य ग्रामीणों को रोजगार (Employment) उपलब्ध करवाना है। मनरेगा आयुक्त ने कहा कि गांव (Village) से पलायन नहीं हो, इसे सुनिश्चित करें और ऐसा नहीं होने पर जबावदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा आयुक्त ने सभी लंबित योजनाओं को एक सप्ताह के अंदर पूर्ण करने का निर्देश दिया। समीक्षा के क्रम में राजेश्वरी बी ने मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को समय से मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया और अधिक से अधिक श्रमिकों को सौ दिन तक रोजगार मुहैया कराने का निर्देश दिया।

    आयुक्त ने दिए किए दिशा-निर्देश

    बैठक के दौरान आयुक्त ने मनरेगा से गांव में रोजगार सृजन को लेकर अन्य कई दिशा-निर्देश दिया। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित देते हुए कहा कि मनरेगा कार्य में थोड़ी सी भी लापरवाही नहीं हो। उन्होंने मनरेगा से बन रही योजनाओं का स्थल निरीक्षण करने समेत अन्य कई दिशा-निर्देश दिए। रिजेक्टेड ट्रांजैक्शन, पीएफएमएस के द्वारा मनरेगा श्रमिकों के रिजेक्टेड खाते को अविलंब सुधार करने, शतप्रतिशत योजना का जिओ टैगिंग करने और लक्ष्य के अनुरूप गांव में योजना संचालित कर मानव दिवस सृजन करने को लेकर निर्देशित किया। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को मनरेगा में 50 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

    मजदूरों की उपस्थिति एप पर करें अपलोड

    राजेश्वरी बी ने  एरिया ऑफिसर एप (Area Officer App) के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को 50-50 चालू योजनाओं का प्रतिमाह निरीक्षण करने और उसका प्रतिवेदन एप पर अपलोड करने का सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी ग्राम पंचायतों में  मस्टर रोल में निहित मजदूरों की उपस्थिति एनएमएमएस एप (NMMS App) के माध्यम से अपलोड करने का भी निर्देश दिया। मनरेगा आयुक्त ने  बताया कि सामाजिक अंकेक्षण के क्रम वित्तीय वर्ष 2017 से 21 के बीच 4898 पंचायतों का सामाजिक अंकेक्षंण हुआ जिसमें कुल 93,349 मुद्दे सामने आए, इसमें 55 प्रतिशत पर विभाग द्वारा कार्रवाई की गयी है और  3,45,94,613 करोड़ के वित्तीय विचलन के विरुद्ध 6.6 प्रतिशत राशि की वसूली की गयी है। कोडरमा में सबसे अधिक 38 प्रतिशत और सिमडेगा मे सबसे कम 0.3 प्रतिशत राशि की वसूली हो पायी है। राज्य के 63 प्रखंडों में कोई वसूली नहीं  होने को विभाग ने गंभीरता से लिया है ।

    लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना लक्ष्य

    आयुक्त ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास करना हमारा मुख्य उद्देश्य है। मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने कहा कि जिला और प्रखण्ड स्तर पर सभी अधिकारियों को निरन्तर विकास के कार्यों के लिए प्रयासरत रहने की आवश्यकता है। ताकि इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।