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    जयपुर/बीकानेर. राजस्थान में शिक्षकों के लिये राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) दो पारियों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार को आयोजित की गई। राज्य के सभी 33 जिलों में कुल 3,993 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिये 16.51 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था।

    परीक्षा में नकल को रोकने के लिये एहतियात के तौर पर रविवार को जयपुर सहित राज्य के कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित किया गया था। पुलिस ने दौसा और जयपुर ग्रामीण में ‘डमी उम्मीदवारों’ को गिरफ्तार किया और बीकानेर, अजमेर, प्रतापगढ में उपकरणों से लैस चप्पलों के माध्यम से धोखाधडी करने वाले गिरोह का भंडाफोड किया।

    बीकानेर में पुलिस ने पांच लोगो को विशेष रूप से डिजाइन की गई चप्पलों के साथ गिरफ्तार किया जिसका उपयोग परीक्षा के दौरान नकल के लिये किया जाना था। चप्पलों में सिम कार्ड से जुड़ा एक छोटा कालिंग डिवाइस लगा हुआ था जबकि दिखाई नहीं देने वाला एक छोटा ब्लूटूथ उम्मीदवार के कान में फिट किया गया था।

    रीट परीक्षा में धोखाधडी के मामलें में राज्य के विभिन्न हिस्सों से सात अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। बीकानेर की पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा ने बताया कि पांच लोगों को उन चप्पलों के साथ गिरफ्तार किया गया जिनमें नकल के लिये उपकरण लगाये गये थे। उन्होंने बताया कि गिरोह में शामिल दो सदस्य मदनलाल और त्रिलोकचंद ने अपने रिश्तेदार उम्मीदवारों को नकल के लिये उपकरण लगी चप्पले उपलब्ध करवाई थी जबकि तीन रीट के परीक्षार्थी थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों को परीक्षा से पहले गंगाशहर थाना क्षेत्र के एक बस स्टैंड से पकडा गया।

    जांच के दौरान चप्पल और अन्य उपकरण बरामद किये गये। मुख्य आरोपी जो गिरोह का सरगना है, फरार है। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को छह लाख रूपये में चप्पल उपलब्ध करवाई गई थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के आधार पर अन्य जिलों की पुलिस को सर्तक किया गया। बीकानेर के गंगशहर में पांच लोगो के अलावा एक व्यक्ति को जयनारायण व्यास कालोनी पुलिस थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। बीकानेर पुलिस की सूचना पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने दो लोगों को प्रतापगढ से और एक एक व्यक्ति को सीकर और अजमेर से गिरफ्तार किया।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार दौसा में चार डमी उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया गया जबकि जयपुर ग्रामीण के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों से आठ डमी उम्मीदवारों को पकड़ा गया। बडे़ पैमाने पर आयोजित की गई रीट परीक्षा के लिये सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त किये गये थे। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा के दौरान नकल व अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने की भी व्यवस्था की गई थी। वहीं अलवर जिले के एक परीक्षा केन्द्र पर पहली पारी की परीक्षा में देरी होने पर उम्मीदवारों ने आपत्ति जताई।

    भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक राम मूर्ति जोशी ने बताया कि परीक्षा देरी से शुरू हुई क्योंकि केन्द्र पर प्रश्नपत्र समय पर उपलब्ध नहीं करवाये गये थे। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा एक केन्द्र पर पहली पारी की परीक्षा दोबारा करवाई जायेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रीट परीक्षा के लिये आमजन के साथ साथ जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शिक्षकगण, स्वयंसेवी, सामाजिक संस्थानों, बस आपरेटर्स को सहयोग के लिये धन्यवाद दिया।

    उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘प्रदेश में लाखों अभ्यर्थियों ने रीट परीक्षा सफलतापूर्वक दी है। इसके लिए आमजन के साथ-साथ जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शिक्षकगण, एनजीओ, सामाजिक संस्थाएं, बस ऑपरेटर्स इत्यादि ने यथासंभव अपेक्षित सहयोग दिया, जिसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं। सभी प्रदेशवासियों को बधाई।” (एजेंसी)