Statewide Protest of Congress demanding 27 percent reservation for OBC in the state

    ओमप्रकाश मिश्र 

    रांची. झारखंड प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग के तत्वाधान में राज्य में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण (OBC Reservation) दिए जाने की मांग को लेकर राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन (Protest) कार्यक्रम आयोजित हुआ मुख्य कार्यक्रम राजभवन के समक्ष आयोजित हुआ जिसकी अध्यक्षता ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अभिलाष साहू ने की और संचालन परवेज आलम ने कियाI इसके साथ साथ आज ही राज्य के सभी ओबीसी विभाग के सम्बद्ध जिला इकाई के द्वारा सभी जिला मुख्यालयों पर ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्षों की अध्यक्षता में धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।  राजभवन के समक्ष मुख्य कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर (Rajesh Thakur) ने संबोधित करते हुए कहा कि ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अभिलाष साहू ने मजबूती के साथ पूरे प्रदेश में धरना के जरिए इस विषय को रखने का काम किया इनको साधुवाद हैI ओबीसी विभाग के तमाम पदाधिकारियों ने जो दम दिखाया है उसकी जितनी प्रशंसा की जाए वो कम है। इस धरना कार्यक्रम से भाजपा के पेट मे दर्द उठना स्वाभाविक है वैसे मैं बता दूं कि हम पर सवाल करनेवाले भाजपा को यह पता होना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी ने जनतंत्र को मजबूत किया है इससे लोकतंत्र मजबूत हुआ है। 

    कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी है, बल्कि संविधान बनाने का भी काम किया है आरक्षण देने का भी काम किया है। जिससे कि लोगों को उनका अधिकार मिल सके आज 27 प्रतिशत आरक्षण की बात चल रही है, कांग्रेस पार्टी इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी ने सर्वप्रथम इस मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जाने का काम किया था। हमने सरना कोड को विधानसभा सभा से पारित करवाकर केंद्र भेजने का कार्य किया है। हम भरोसा दिलाते हैं कि 27 प्रतिशत आरक्षण भी ओबीसी समुदाय को दिलवाएंगे। भाजपा में हिम्मत है तो भाजपा नेता एक बार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से यह कहकर दिखाए की सरना कोड झारखंड की जरूरत है आप केंद्र से कानून बनाकर भेजें।  ठाकुर ने कहा कि हम सत्ता में मौज मस्ती के लिए नहीं हैं। हम जिंदा संगठन हैं जो सरकार को अपनी बात बता सकते हैं भाजपा को जनता को यह बताना चाहिए कि केंद्र और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार थी क्यों नहीं ओबीसी समुदाय को आरक्षण का लाभ मिल पाया। 

    भाजपा के करनी और करनी में अंतर

    भाजपा की कथनी और करनी में अंतर साफ दिखता है, भाजपा बाहर बयान बाजियाँ तो खूब करती है पर सदन के अंदर इस गंभीर विषय पर चर्चा भी हो यह भाजपा को मंजूर नहीं था। यही कारण रहा कि पूरे मानसून सत्र के दौरान बेवजह के मुद्दे पर सदन में विधाई कार्यों और सार्थक चर्चा को रोकने का कार्य किया। ठाकुर ने आजसु को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पार्टी सिर्फ सत्ता में साझेदारी बनती है। पिछड़ो के लिए आरक्षण इनके लिए कोई मुद्दा नहीं है। ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अभिलाष साहू ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि भाजपा को ओबीसी आरक्षण पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। झारखंड में सबसे ज्यादा समय तक सत्ता में रहने वाली भाजपा को ओबीसी वर्ग की याद सिर्फ चुनावी मौसम में आती है। 

    महागठबंधन सरकार वादा करेगी पूरा

    कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ओबीसी समुदाय के 27 प्रतिशत आरक्षण को दिलाने को कटिबद्ध है। कांग्रेस पार्टी ही ओबीसी समुदाय की सदैव पक्षधर रही है। जनता से जो वादा हमने किया था वो महागठबंधन सरकार पूरा करेगी। सरकार ने सदन के अंदर आश्वासन भी दिया है। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि जनसंख्या के अनुपात में ओबीसी समुदाय को आरक्षण का लाभ मिलना ही चाहिए। सरकार के अंदर इस बात को लेकर सहमति भी है। महागठबंधन के मुखिया हेमंत सोरेन इस बात को लेकर संजीदा भी हैं। मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि कांग्रेस पार्टी वचनबद्ध है कि ओबीसी समुदाय को समावेशी विकास में समुचित भागीदारी मिले। हम सरकार में जरूर है पर जनता के सरोकार को अनदेखी नहीं कर सकते, हम यह आश्वस्त करते हैं कि मंत्रिमंडल के बैठक में भी इस गंभीर मुद्दे पर सार्थक चर्चा अवश्य करेंगें सरकार का रुख भी सकारात्मक है।

    आरक्षण के विषय में निर्णय जल्दी हो 

    विधायक प्रदीप यादव ने अपने संबोधन में कहा कि यह सर्वविदित है कि पिछली सरकार ने सिर्फ सुप्रीम कोर्ट केस का हवाला देकर पर लंबे समय तक इस मसले को उलझा कर रखने का काम किया जबकि उस केस का फैसला बहुत पहले ही आ चुका था। कांग्रेस पार्टी और महागठबंधन सरकार इस विषय पर सकारात्मक रुख रखती है इसलिए हम इस बात को लेकर गम्भीर हैं और चाहते हैं कि इस मामले में निर्णय जल्दी आए। कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो और शहजादा अनवर ने भी अपने संबोधन में कांग्रेस पार्टी के ओबीसी समुदाय को 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर प्रतिबध्दता को दोहराया नेताद्वय ने कहा कि झारखंड सरकार ने सदन के अंदर भी इस बात को लेकर आस्वस्थ किया है। झारखंड सरकार ने इस वर्ष को नियुक्ति वर्ष घोषित किया है और इसकी प्रक्रिया भी बहुत जल्द शुरू होने जा रही हैं इसलिए पार्टी चाहती है कि बहुसंख्यक आबादी कहीं इससे वंचित न हो जाए इसलिए आज राज्यव्यापी धरना प्रदर्शन कार्यक्रम के माध्यम से ये मांग करती है कि आरक्षण के विषय में निर्णय जल्दी हो ताकि ओबीसी वर्ग को इसका लाभ मिल सके।