PETROL
File Pic

    ओमप्रकाश मिश्र

    रांची : केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की कीमत कम किए जाने के बाद विभिन्न संस्थानों और पार्टियों द्वारा झारखंड  राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमत कम करने की मांगे उठने लगी है। इस क्रम में भाजपा, रांची महानगर – जिला द्वारा राज्य सरकार को उपायुक्त के माध्यम से झारखंड  राज्य में पेट्रोल डीजल की कीमत कम करने के लिए  ज्ञापन सौंपा गया।

    मौके पर उपस्थित रांची के विधायक सी.पी.सिंह ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार को झारखंड की गरीब जनता को ध्यान में रखते हुए अतिशीघ्र डीजल और पेट्रोल के टैक्स में राज्य सरकार द्वारा ली जाने वाली टैक्स पर राहत देनी चाहिए। भाजपा रांची महानगर अध्यक्ष के. के. गुप्ता ने मीडिया के माध्यम से सरकार को संबोधित करते हुए कहा की,100 करोड़ से अधिक टीकाकरण के बाद कोविड संक्रमण दर में लगातार देशव्यापी कमी आई है। अब देश और राज्य की अर्थव्यवस्था ने गति पकड़नी प्रारंभ की है।

    जनता को ज्यादा राहत दिलाने का आग्रह 

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  ने जनभावनाओं के अनुरूप पेट्रोल और डीजल से उत्पाद शुल्क घटाकर कीमतों में बड़ी कमी की है। केंद्र सरकार ने डीजल में 10 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल में 5 रुपये प्रति लीटर शुल्क घटाए हैं साथ ही सभी राज्य सरकारों से भी जनहित में अपने हिस्से के वैट और सेस में कटौती कर जनता को ज्यादा राहत दिलाने का आग्रह किया हैं।

    झारखंड की गरीब जनता के पॉकेट से वसूल रही है

    प्रधानमंत्री से अनुरोध के बाद सभी एनडीए शासित प्रदेशों ने करों में कटौती करते हुए जनता को ज्यादा राहत पहुंचाया है। साथ ही कई गैर भाजपा शासित राज्य जिसमे उड़ीसा, सिक्किम हैं ने भी अपने राज्य टैक्स को घटाया है, परंतु झारखंड में इस दिशा में अबतक परिणाम निराशाजनक हैं। आज राज्य सरकार 22 प्रतिशत वैट और 1 रुपये सेस के माध्यम से पेट्रोल में 17 रुपये और डीजल में 12.50 रुपये झारखंड की गरीब जनता के पॉकेट से वसूल रही है।

    वादे परिणाम देने में विफल साबित हुए हैं

    चुनाव पूर्व और सरकार गठन के बाद भी गठबंधन में शामिल दलों ने लोक कल्याण के लंबे चौड़े वादे किए परंतु वादे परिणाम देने में विफल साबित हुए हैं। आपकी सरकार को लोक कल्याण के लिए पेट्रोल डीजल की कीमतों में और कमी कराकर जनता को राहत देने का एक सुअवसर आया है। झारखंड की जनता राज्य सरकार की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रही है।