Tractor-trolley fell into pond

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लखनऊ/एटा: एटा जिले के नगला कसा गांव से गंगा स्नान के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार होकर कासगंज जिले के पटियाली इलाके में जा रहे 23 श्रद्धालुओं की शनिवार को सड़क हादसे में मौत हो गयी जिनमें से 10 लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों का अंतिम संस्कार रविवार को किया गया।  नगला कसा के निवासी डेढ़ वर्षीय सिद्धू के मुंडन संस्कार और गंगा नदी में डुबकी लगाने के लिए लोग गंगा नदी के घाट पर जा रहे थे, लेकिन इस दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटकर तालाब में गिर गई। इस हादसे में सिद्धू के परिवार के 10 लोगों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो गई। शनिवार सुबह हुई इस घटना में जान गंवाने वालों में आठ बच्चे और 14 महिलाएं भी शामिल हैं। 

नगला कसा गांव का दौरा करने वाले उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने ग्रामीणों से बात की और दुखद घटना में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने रविवार को मथुरा से ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”एक बच्चे का मुंडन समारोह था और उसका परिवार ट्रैक्टर से कासगंज जा रहा था। यह ट्रैक्टर किसी और का था…जैसे ही ट्रैक्टर कासगंज की ओर बढ़ा, अन्य लोग भी ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होने लगे।”  उन्होंने कहा, “कासगंज जिले में सड़क के किनारे एक तालाब है जो लगभग तीन-चार फुट गहरा है। चालक के नियंत्रण खोने से ट्रैक्टर पलट गया और कई लोगों की जान चली गई।”

मंत्री ने कहा कि मृतकों में केवल एक पुरुष है, जबकि बाकी सभी महिलाएं और बच्चे हैं। उन्‍होंने कहा, ”दुर्भाग्य से बच्चा (सिद्धू जिसका मुंडन होना था) जीवित नहीं रहा। ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने और तालाब में गिरने से उसकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना में मरने वाले सिद्धू के परिवार के 10 सदस्य हैं। उनके परिवार की केवल एक महिला बच गई, क्योंकि वह उनके साथ नहीं थी।”  चौधरी ने बताया कि वह महिला न तो देख सकती है और न ही सुन सकती है।  नगला कसा गांव के प्रधान गिरीश चंद्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मृतकों में से ज्यादातर नगला कसा के थे और कुछ आसपास के गांवों के थे। मैंने चालक से बात नहीं की है, जो बच गया है। कल, मैं पटियाली गया था। वहां जाकर बहुत दुख हुआ।”

उन्होंने कहा, “फिलहाल मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। पूरा गांव गहरे सदमे में है और हमें इस त्रासदी से उबरने में कुछ समय लग सकता है।” रविवार को नगला कसा गांव में पत्रकारों से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के मंत्री संदीप सिंह ने दुर्घटना को “बहुत दुखद” बताया।  सिंह ने कहा कि “हमें ट्रैक्टर-ट्रॉली पर यात्रा करने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। इस दुर्घटना में 23 लोगों की जान चली गई। जब हम ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रा करते हैं, तो अन्य साधनों (परिवहन के) की तुलना में कोई सुरक्षा नहीं है। 

सिंह ने कहा कि सरकार मृतक परिवारों के साथ खड़ी है। कासगंज जिला प्रशासन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “मृतकों में 14 महिलाएं, एक पुरुष और आठ बच्चे शामिल हैं। फिलहाल दस लोगों का इलाज चल रहा है।” कासगंज जिला प्रशासन के मुताबिक, हादसे की जानकारी सुबह करीब 10 बजे मिली। इसमें कहा गया, “कई लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हो गए। घायलों को पटियाली और कासगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और कासगंज के एक सरकारी अस्पताल में भेजा गया।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घटना में लोगों की मौत पर शोक जताया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस दुर्घटना को हृदय विदारक बताया।   

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,”उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक ट्रैक्टर ट्रॉली के तालाब में गिरने से महिलाओं और बच्चों सहित अनेक लोगों की मृत्यु होना एक हृदय विदारक दुर्घटना है। अपने स्वजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मैं गहन शोक संवेदना व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।” प्रधानमंत्री कार्यालय के ‘एक्‍स’ अकाउंट पर मोदी ने कहा,”हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश के कासगंज में ट्रैक्टर ट्रॉली के तालाब में गिरने का हादसा दुख से भर देने वाला है। इसमें जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी शोक-संवेदनाएं।”     

प्रधानमंत्री ने कहा, “इसके साथ ही मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की निगरानी में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है।”      प्रधानमंत्री कार्यालय के ‘एक्‍स’ अकाउंट पर मोदी ने कहा कि कासगंज दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को पचास-पचास हजार रुपये दिए जाएंगे।   

 वहीं, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने ‘एक्‍स’ पर अपने शोक संदेश में कहा, ”जनपद कासगंज में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत हृदयविदारक है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।”   उन्होंने कहा, “जिला प्रशासन के अधिकारियों को सभी घायलों के समुचित और निःशुल्क उपचार के निर्देश दिए गये हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”