UP Rajya Sabha Elections, BJP
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ की आशंकाओं के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठ और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के दो उम्मीदवार विजयी घोषित किए गए। राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे। सपा ने तीन प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था जबकि भाजपा ने पहले सात प्रत्याशी उतारे थे लेकिन बाद में उसने संजय सेठ के रूप में आठवां उम्मीदवार भी खड़ा कर दिया था। इस वजह से चुनाव आवश्यक हो गया था।

भाजपा के सात अन्य उम्मीदवारों में पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.पी.एन. सिंह, पूर्व सांसद चौधरी तेजवीर सिंह, पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के महासचिव अमरपाल मौर्य, पूर्व राज्य मंत्री संगीता बलवंत (बिंद), पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, पूर्व विधायक साधना सिंह और आगरा के पूर्व महापौर नवीन जैन हैं। इन सभी ने जीत हासिल कर ली है।

सपा ने अभिनेत्री-सांसद जया बच्चन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍य सचिव आलोक रंजन और दलित नेता रामजी लाल सुमन को मैदान में उतारा था। इनमें से रंजन को पराजय का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के खातिर एक उम्मीदवार को लगभग 37 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता थी। हालांकि, राज्यसभा चुनाव परिणाम की आधिकारिक रूप से अभी तक घोषणा नहीं की गई है लेकिन सूत्रों के मुताबिक चुनाव में सपा प्रत्याशी जया बच्चन को 41 तथा रामजीलाल सुमन को 40 वोट मिले हैं, वहीं आलोक रंजन को मात्र 19 मत हासिल हो सके।

इसके अलावा भाजपा उम्मीदवार अमरपाल मौर्य, तेजवीर सिंह, नवीन जैन, साधना सिंह, संगीता बलवंत और सुधांशु त्रिवेदी को 38-38, आरपीएन सिंह को 37 और संजय सेठ को 29 वोट हासिल हुए हैं। सपा के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन ने भाजपा पर सत्ता का बेतहाशा दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा ने एक धन्ना सेठ (संजय सेठ) को लड़ा कर पूरे चुनाव का गणित बिगाड़ दिया। हम समीक्षा करेंगे और देखेंगे कि कहां गलतियां हुई।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा चुनाव में विजयी भाजपा प्रत्याशियों को बधाई दी है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “उत्तर प्रदेश से राज्य सभा के द्विवार्षिक चुनाव में विजयी होने वाले भारतीय जनता पार्टी के सभी सम्मानित प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई! पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आप सभी अंत्योदय के प्रण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहायक होंगे। आप सभी के उज्ज्वल कार्यकाल के लिए मंगलकामनाएं।”

राज्यसभा चुनाव से ऐन पहले सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बुलाई गई बैठक और रात्रि भोज में प्रदेश विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय और सात अन्य विधायक मुकेश वर्मा, महाराजी प्रजापति, पूजा पाल, राकेश पांडे, विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए थे। उसके बाद राज्यसभा चुनाव में सपा के इन विधायकों द्वारा भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में ‘क्रॉस-वोटिंग’ किए जाने की अटकलें लगने लगी थी। बहरहाल, किन विधायकों ने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की है इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। हालांकि, सपा के शीर्ष नेतृत्व को अपने कुछ विधायकों द्वारा भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग किए जाने की आशंका हो गई थी। इसी बीच, मतदान के दिन ऊंचाहार सीट से सपा के विधायक मनोज पांडे ने विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया और अपना त्यागपत्र पार्टी प्रमुख को भेज दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा के तिलक हॉल में वोट डालने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कुछ विधायकों द्वारा सोमवार को पार्टी द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जो लोग इस स्थिति में ‘‘फायदा” तलाश रहे हैं, वे चले जाएंगे। यादव ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वह चुनाव जीतने के लिए सभी हथकंडे अपनाएगी।

यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि बागियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। यादव ने कहा, ‘‘किसी को सुरक्षा की चिंता होगी, किसी को धमकाया गया होगा, किसी को कुछ और कहा गया होगा और जिसके अंदर लड़ने का साहस नहीं होगा वही जाएंगे।” यादव ने दोपहर बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्‍स’ पर कहा ”हमारी राज्यसभा की तीसरी सीट दरअसल सच्चे साथियों की पहचान करने की परीक्षा थी और यह जानने की कि कौन-कौन दिल से पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के साथ है और कौन अंतरात्मा से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ है। अब सब कुछ साफ़ है, यही तीसरी सीट की जीत है।” इसी बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी और पार्टी सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘जिन लोगो ने समाज को अनैतिकता का पाठ पढ़ाया है, ऐसे लोग जिनके पास कोई मान मर्यादा और आदर्श नहीं हैं। वे लोग समय के चक्र का इंतजार करें और जनता के फैसले का इंतजार करें।” सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने ‘एक्‍स’ पर कहा, ‘‘अब अंतरात्मा के साथ-साथ सम्पूर्ण आत्मा की जांच क्षेत्र की जनता करेगी ताकि ऐसी भटकती हुई आत्माएं हमेशा के लिए शांत हो जाएं।”

इससे पहले, राज्यसभा की 10 सीटों के लिए विधान भवन में पूर्वाह्न नौ बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम चार बजे समाप्त हो गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में मौजूदा 399 में से 395 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उपमुख्यमंत्री एवं विधान परिषद सदस्य केशव प्रसाद मौर्य ने भाजपा के सभी आठ उम्मीदवारों की जीत का दावा करते हुए संवाददाताओं से कहा था, ‘‘अखिलेश यादव ने अपना तीसरा उम्मीदवार उतारकर गलती की और उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है।” विधानसभा में जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के नेता रघुराज प्रताप सिंह ने पत्रकारों से दावा किया था, ‘‘भाजपा के सभी आठों प्रत्याशी जीतेंगे और हमने व हमारे विधायक विनोद सरोज ने भाजपा उम्‍मीदवारों को वोट दिया है।”

सपा द्वारा तीन राज्‍यसभा उम्‍मीदवारों की घोषणा के बाद ही सपा को वोट न देने का ऐलान करने वाली समाजवादी पार्टी की विधायक व अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने मंगलवार को न केवल मतदान किया बल्कि इस बीच पत्रकारों से कहा, ‘‘मेरे वजूद में धोखा नहीं है, मैं धोखा और गद्दारी नहीं कर सकती। मैंने पीडीए को वोट किया है। मैंने खुलकर और दिखा कर रामजीलाल सुमन (सपा उम्‍मीदवार) को वोट किया है।” पटेल ने कहा, ‘‘मैं पीडीए में थी, हूं और भविष्य में भी रहूंगी। पीडीए मेरी आत्मा और जान है, इसकी लड़ाई लड़ती रहूंगी।” राष्‍ट्रीय लोकदल (रालोद) ने ‘एक्‍स’ पर कहा, ‘‘पार्टी के सभी नौ विधायकों ने एक साथ, एकमत होकर राजग (राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) प्रत्याशी को वोट किया। राष्ट्रीय लोकदल का वोट किसान, नौजवान, गरीब, महिलाओं के हक में है।” सपा सदस्य राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और राकेश पांडेय एक ही गाड़ी से मत डालने आये। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर इस बात का जवाब नहीं दिया कि वे अपना मत किसको देने जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने भाजपा की तरफ इशारा जरूर किया। सपा विधायक राकेश पांडेय के बेटे एवं आंबेडकर नगर से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद रितेश पांडेय ने रविवार को बसपा की सदस्‍यता से त्यागपत्र दे दिया और भाजपा में शामिल हो गये। इस बीच, सपा सदस्य राकेश प्रताप सिंह ने कहा, ‘‘हम अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मत डालेंगे।”

बाद में राकेश प्रताप सिंह ने पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कहा, ‘‘वोट किसे दिया है, यह न तो बताया जाता और न ही दिखाया जाता है।” हालांकि, उन्‍होंने यह भी कहा, ‘‘मैंने शिवपाल सिंह यादव (सपा महासचिव) को दिखाकर वोट दिया है।” राज्यसभा चुनाव के नतीजे आज ही घोषित कर दिये जायेंगे। 403 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा और सपा सबसे बड़े दल हैं। भाजपा के 252 और सपा के 108 विधायक हैं। सपा की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस के पास दो सीटें हैं। भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के पास 13, निषाद पार्टी के पास छह, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पास नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के पास छह, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास दो और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पास एक सीट है। फिलहाल विधानसभा में चार सीटें खाली हैं। (एजेंसी)