Power consumption increased by about 6 percent this January

    -राजेश मिश्र

    लखनऊ : कोयले की कमी (Lack of Coal) , बंद होते बिजलीघरों और महंगी खरीद के चलते यूपी (UP) में हाहाकार मचा है। अरसे बाद गांवों से लेकर शहरों तक जबरदस्त बिजली कटौती (Power Crisis) की जा रही है। संकट टालने की गरज से एनर्जी एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीद सप्लाई कर रही प्रदेश सरकार ने लोगों से उपभोग घटाने की अपील की है। प्रदेश में हरदुआगंज, परीछा, ओबरा और अनपरा बिजलीघरों में बस दो दिनों के लिए कोयले (Coal) का स्टाक बचा हुआ है। एनटीपीसी के टांडा और उंचाहार बिजलीघरों में कई इकाईयां ठप हो गयी हैं। आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रदेश में हर रोज 10000 मेगावाट बिजली एनर्जी एक्सचेंज से खरीदी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश सरकार एक्सचेंज से 17 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद रही है।

    बिजली संकट को देखते हुए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि वो कम जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल न करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता बिजली बचाने की कोशिश करें क्योंकि सरकार हालात को संभालने के लिए 17 रुपए यूनिट के हिसाब से बिजली खरीद कर रही है। उन्होंने कहा कि हर कोई बिजली बचाने की कोशिश करें और ध्यान रखें कि गरीबों को भी पर्याप्त बिजली देना जरुरी है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के मुकाबले वर्तमान में 10000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति की जा रही हैं। चूंकि महंगी बिजली खरीदी जा रही है तो उपभोक्ता भी इसे समझें और अपव्यय न करें।

    बिजली आपूर्ति को लेकर नयी रणनीति बनाई 

    इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने त्योहारी सीजन को देखते हुए पीक आवर्स में शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर नयी रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रात के समय बिजली कटौती न करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि शहरों में तो कम से कम शाम छह बजे से रात 10 बजे तक बिजली कटौती बिलकुल न की जाए। स्ट्रीट लाइटें और उन इमारतों में जहां रात को कटौती से काम चल सकता है, वहां आपूर्ति बंद रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। गांवों में फिलहाल 18 घंटे के रोस्टर की जगह 12 घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि जिला मुख्यालयों पर 18 से 20 घंटे बिजली दी जा रही है।

    राज्य के बिजली घरों से 835 मेगावाट उत्पादन बंद 

    उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अधिकारियों का कहना है कि बीते रविवार को जहां एनर्जी एक्सचेंज से 6 रुपए यूनिट की दर से बिजली खरीदी गयी थी, वहीं बुधवार को इसके दाम बढ़कर 17 रुपए प्रति यूनिट हो गए थे। कोयले की कमी से राज्य के बिजली घरों से 835 मेगावाट उत्पादन बंद हुआ है, जबकि रोजा और टांडा में उत्पादन प्रभावित हुआ है। अनपरा में 600 मेगावाट और ललितपुर में 600 मेगावाट की यूनिटें ब्वायलर लीकेज की वजह से बंद हो गयी हैं। कुल मिलाकर प्रदेश में बीते 24 घंटे में 3100 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हुआ है। त्योहारी सीजन और गरमी में कमी न आने के चलते प्रदेश भर में मांग ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। कारपोरेशन अधिकारियों का कहना है कि गुरुवार को भी मांग 20000 मेगावाट से उपर बनी रही और इसकी तुलना में करीब 5000 मेगावाट बिजली की कमी थी।