PM Modi Visit Bihar
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)  के वाराणसी  (Varanasi) और अपने संसदीय क्षेत्र काशी के दो दिवसीय दौरे पर हैं। वह यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत और कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। पीएम मोदी गुरुवार वाराणसी गुरुवार की शाम को पहुंचे। उनका स्वागत सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके बाद वह सीएम योगी रात करीब 11 बजे शिवपुर-फुलवरिया-लहरतारा मार्ग का निरीक्षण करने गए, जिसका हाल ही में उन्हों उद्घाटन किया गया था। 

BHU में बोले पीएम मोदी 

पीएम मोदी ने आज यानी शुक्रवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के स्वतंत्रता भवन में सांसद ज्ञान प्रतियोगिता के प्रतिभागियों, सांसद फोटोग्राफी प्रतियोगिता और सांसद संस्कृत प्रतियोगिता के प्रतिभागियों से संवाद किया। साथ ही उन्होंने पांच-पांच प्रमुख प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कहा कि काशी को अब विरासत और विकास के मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने सभा में कहा कि भारत की समृद्ध विरासत की गूंज पूरी दुनिया में सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि देश अगले पांच साल में विकास का मॉडल बन जाएगा और यह मोदी गारंटी है।  

संत रविदास की प्रतिमा का अनावरण

इसके बाद पीएम मोदी ने  संत गुरू रविदास वाराणसी में संत रविदास की प्रतिमा का अनावरण किया।  उन्होंने संत गुरु रविदास जन्मस्थली का भी दौरा किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। उसके बाद वह संत गुरू रविदास के 647वें जयंती समारोह को संबोधित किए। 

संत गुरू रविदास के 647वें जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोले यहां का सांसद होने के नाते, काशी का जनप्रतिनिधि होने के नाते मेरी विशेष जिम्मेदारी भी बनती है कि मैं बनारस में आप सबका स्वागत भी करूं और आप सबकी सुविधाओं का खास खयाल भी रखूं। मुझे खुशी है कि संत रविदास जी की जयंती पर मुझे इन दायित्वों को पूरा करने का अवसर मिला है।

संत रविदास ने भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का इतिहास रहा है, जब भी देश को जरूरत हुई है, कोई न कोई संत, ऋषि, महान विभूति भारत में जन्म लेते हैं। संत रविदास जी तो उस भ​क्ति आंदोलन के महान संत थे, जिन्होंने कमजोर और विभाजित हो चुके भारत को नई ऊर्जा दी थी। रविदास जी ने समाज को आजादी का महत्व भी बताया था और सामाजिक विभाजन को भी पाटने का काम किया। ऊंच नीच, छुआछूत, भेदभाव इस सबके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई।