सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल कन्नौज की ऐतिहासिक जीत का है। कन्नौज अलग बात है लेकिन उससे ज्यादा जो जनता ने मन बनाया है उससे ‘इंडिया' गठबंधन भविष्य बनकर आ रहा है और भाजपा इस चुनाव में इतिहास बन जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के खिलाफ मतदान करने जा रही है। राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) हराएगा।

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इटावा: समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट (Kannauj Lok Sabha Seat) से खुद के चुनाव लड़ने की सम्भावनाओं पर रहस्य बरकरार रखते हुए बुधवार को कहा कि जब इस सीट के लिये नामांकन होगा तो सबको खुद ही पता लग जाएगा। इटावा में विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ के कार्यकर्ता सम्मेलन से इतर संवाददाताओं ने यादव से पूछा कि कन्नौज से मौजूदा सपा प्रत्याशी तेज प्रताप सिंह ही चुनाव लड़ेंगे या वह खुद भी चुनाव लड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा, ”देखिए… जब नामांकन होगा तो आपको खुद पता लग जाएगा और हो सकता है कि नामांकन से पहले ही आपको जानकारी मिल जाए।”

इस सवाल पर कि कन्नौज के लोग चाहते हैं कि सपा अध्यक्ष खुद वहां से चुनाव लड़ें, यादव ने कहा, ”सवाल कन्नौज की ऐतिहासिक जीत का है। कन्नौज अलग बात है लेकिन उससे ज्यादा जो जनता ने मन बनाया है उससे ‘इंडिया’ गठबंधन भविष्य बनकर आ रहा है और भाजपा इस चुनाव में इतिहास बन जाएगी।” उन्होंने कहा,“ जनता भाजपा के खिलाफ मतदान करने जा रही है। राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) हराएगा।”

अखिलेश यादव के कन्नौज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच सपा ने पिछले सोमवार को मैनपुरी से पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव को इसी सीट से उम्मीदवार बनाया था। वर्ष 2014 से 2019 तक मैनपुरी से सांसद रहे तेज प्रताप राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के दामाद हैं और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के भतीजे हैं।

हालांकि अब भी ऐसी अटकलें लगायी जा रही हैं कि तेज प्रताप का टिकट कट सकता है और अखिलेश यादव कन्नौज से चुनाव लड़ सकते हैं। अखिलेश यादव 2000 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद चुने गये थे। उसके बाद वह 2004 और 2009 में भी इसी सीट से सांसद रहे। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद लोकसभा से इस्तीफा देने के चलते 2012 में कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश की पत्नी डिंपल निर्विरोध चुनी गयी थीं।

वर्ष 2014 के आम चुनाव में भी डिंपल ने इसी सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि साल 2019 के चुनाव में वह भाजपा के सुब्रत पाठक से पराजित हो गयी थीं। कन्नौज में लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत आगामी 13 मई को मतदान होगा। इस सीट के लिये नामांकन बृहस्पतिवार 25 अप्रैल को शुरू होंगे।

(एजेंसी)