cm yogi

    सुलतानपुर/लखनऊ: प्रदेश सरकार भारत को दुनिया के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए अपना सहयोग करने में जुटी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) इसमें एक बड़ा माध्यम साबित होगा। यह एक्सप्रेस-वे ( Expressway) केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern Uttar Pradesh) , जिसका आजादी के बाद से लगातार उपेक्षा की गई, उसके विकास की जीवन रेखा बनेगी। ये बातें सुलतानपुर के अरवल कीरी करवत में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहीं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से तीन वर्ष पहले एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया था। इस बीच में दो वर्ष से कोरोना जैसी महामारी से उत्तर प्रदेश समेत पूरा देश प्रभावित है, लेकिन प्रधानमंत्री की प्रेरणा से जीवन और जीविका को बचाने के लिए महामारी के दौरान किए गए प्रबंधन का परिणाम है कि यह एक्सप्रेस-वे सभी बाधाओं के बावजूद बनकर तैयार हो सका। उन्होंने कहा कि जब वायुसेना के विशेष विमान ने एक्सप्रेस-वे को छुआ और प्रधानमंत्री उतरे, तभी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन हो गया। 

    यह नए उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर 

    उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्ष के अंदर प्रदेश में विकास के लगातार काम किया जा रहे हैं। प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेस को जल्द ही जोड़ने का काम शुरू किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस-वे, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगी, उसका भी काम कुछ ही दिनों में शुरू होने जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चार शहरों में मेट्रो की व्यवस्था की जा रही है। अगले महीने कानपुर में मेट्रो की सुविधा जनता को मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट ही वायुसेवा से जुड़े थे। आज भारत सरकार की उड़ान योजना का लाभ लेते हुए नौ एयरपोर्ट बनाकर शुरू करा दिया गया है, जबकि 11 नए एयरपोर्ट पर कार्य किया जा रहा है। यह नए उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर है, जो बिना भेदभाव के सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही आस्था का भी सम्मान किया जा रहा है।