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लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) को बड़ा झटका लगा है। समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज कुमार पांडेय ने राज्‍य में चल रहे राज्‍यसभा चुनाव के बीच मंगलवार को पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया। मनोज कुमार पांडेय ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लिखे पत्र में कहा, आपने मुझे उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया है। मैं मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे रहा हूं, कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। मनोज के इस्तीफे के बाद यूपी में सियासी हलचल तेज हो गई है। चलिए हम आपको बताते हैं कि कौन है मनोज कुमार पांडेय?

कौन है मनोज कुमार पांडेय 

15 अप्रैल 1968 में मनोज कुमार पांडेय का जन्म उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम डॉ. रमाकान्त पांडेय हैं। मनोज कुमार पांडेय पीएचडी धारक हैं। अभी वह उत्तर प्रदेश के रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक हैं। इसके अलावा वह अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। मनोज कुमार पांडेय को अखिलेश यादव का बेहद करीबी माना जाता था। 

मनोज कुमार पांडेय पहली बार विधानसभा का चुनाव साल 2012 में लड़े थे। इसमें उन्हें जीत भी हासिल हुई थी। इसके बाद उन्होंने 2017 और फिर 2022 में भी बड़ी जीत दर्ज की थी। मनोज एक ब्राम्हण फेस के रूप में समाजवादी पार्टी में रहे हैं। उनका समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देना पार्टी से मोहभंग तो नहीं है। कयास ये भी लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में जल्द ही वह पार्टी से भी इस्तीफा दे देंगे। अगर वह वाकई पार्टी छाड़ते हैं तो उनका जाना समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। वहीं रिपोर्ट की माने तो मनोज कुमार पांडेय अब बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। खबर यह भी है कि बीजेपी उन्हें रायबरेली से मैदान में उतार सकती है। 

बीजेपी के मंत्री ने कही ये बात 

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, मनोज पांडेय हमेशा सनातन धर्म के पक्षधर रहे हैं। राम लला के दर्शन के लिए जब प्रस्ताव आया तब वे चाहते थे कि सभी लोग दर्शन के लिए जाएं लेकिन लोगों ने उसका विरोध किया। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर विश्वास कर वे निर्णय ले रहे हैं। दूसरी बीजेपी के मंत्री शीष पटेल ने कहा, यह नमूना है, लोकसभा चुनाव आते-आते अभी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। अखिलेश यादव विचार करना चाहिए कि उनके लोग उनसे क्यों भाग रहे हैं।