SP MLA Irfan Solanki and his brother surrender, both sent to judicial custody

    कानपुर: समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इरफान सोलंकी और उनके छोटे भाई ने एक महिला के घर में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में शुक्रवार सुबह को यहां पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में अदालत ने दोनों भाइयों को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। 

    इरफान सोलंकी, उनके छोटे भाई रिजवान सोलंकी तथा उनके कई समर्थकों के खिलाफ आठ नवंबर को जमीन पर कब्जे के विवाद में नजीर फातिमा के घर में तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। तब से पुलिस उन्हें तलाश रही थी।    आज आत्मसमर्पण के समय उनके साथ आर्य नगर और कानपुर कैंट के सपा विधायक क्रमशः अमिताभ बाजपेयी और मोहम्मद हसन उर्फ रूमी और उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे।   

    पुलिस आयुक्त बीपी जोगदंड ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इरफान सोलंकी और रिजवान सोलंकी ने उनके कैंप कार्यालय में उनके समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों भाइयों को यहां सांसद-विधायक अदालत में पेश किया गया और अदालत ने उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।  पुलिस उपायुक्त (अपराध) सलमानताज जफरताज पाटिल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने करीब एक पखवाड़े पहले उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट हासिल किया था।”     

    इरफ़ान सोलंकी चौथी बार के विधायक हैं। वह 2007, 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में विजयी हुए थे।   इरफान सोलंकी ने एक वीडियो जारी कर खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया और इल्जामात की जांच के लिये विधानसभा अध्यक्ष से एक समिति गठित करने की गुजारिश की थी।

    इरफान सोलंकी और उनके भाई के आत्मसमर्पण और उसके बाद की गिरफ्तारी उनके एक पखवाड़े से अधिक समय तक लुका-छिपी खेलने के बाद हुई। मामला दर्ज होने के एक दिन बाद ही सोलंकी बंधु गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गए थे। इससे पहले संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मंगलवार को सोलंकी के खिलाफ जाली आधार कार्ड के जरिये हवाई यात्रा करने और हवाई अड्डे की सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज किया गया।   

    उन्होंने बताया कि पुलिस ने वरिष्ठ महिला सपा नूरी शौकत के साथ-साथ अम्मार इलाही, अनवर मंसूरी और अख्तर मंसूरी को सोलंकी के वास्ते फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया है।  तिवारी ने बताया था कि इरफान सोलंकी गिरफ्तारी से बचने के लिये विमान से दिल्ली से मुंबई गये और इसके लिये उन्होंने जिस आधार कार्ड का इस्तेमाल किया, उसमें तस्वीर तो उन्हीं की थी मगर नाम अशरफ अली लिखा हुआ था। तिवारी ने कहा कि नूरी शौकत के मोबाइल से अशरफ अली के नाम से इरफान की दिल्ली से मुंबई की फ्लाइट टिकट भी बुक की गई थी।