“लड़की के साथ फोटो वायरल कर बदनाम करेगा आनंद गिरी, वह मेरे मौत का जिम्मेदार”, महंत नरेंद्र गिरी का सुसाइड नोट आया सामने

    प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (Akhil Bhartiya Akhada Parishad) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी (Mahant Narendra Giri) ने सोमवार को आत्महत्या कर ली। उनके इस कदम से पूरा देश सहित तमाम साधु-संतों को बड़ा झटका लगा है। वहीं उनके मौत के बाद उनके द्वारा लिखा सुसाइड नोट मीडिया के सामने आया है। अपने अधिकारिक नोटपैड के आठ पन्नों में लिखे नोट में महंत जी ने अपनी मौत का जिम्मेदार शिष्य आनंद गिरी, बड़े हनुमान जी के मुख्य पूजारी आज्ञा तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी को बताया है। 

    मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई

    महंत नरेंद्र गिरी जी ने अपने आत्महत्या पत्र में लिखा कि, “मैं महंत नरेंद्र गिरि आज आनंद गिरि के कारण बहुत विचलित हो गया आज हरिद्वार से सूचना मिली कि एक दो दिन में आनंदगिरी मोबाइल के माध्यम से किसी छोटी महिला या लड़की के साथ गलत काम करते हुए फोटो वायरल कर देगा मैं महंत नरेंद्र गिरि बदनामी के डर से कहां-कहां सफाई देता रहूंगा मैं जिस सम्मान से जी रहा हूं, तो बदनामी में कैसे जी पाऊंगा इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं।” 

    मेरे हत्यारों पर क़ानूनी कार्रवाई की जाए

    महंत नरेंद्र जी ने आगे लिखा है कि, “मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार आनंद जी, अद्या प्रसाद तिवारी, संदीप तिवारी पुत्र अद्या प्रसाद तिवारी होंगे। मेरा प्रयागराज के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध है कि मेरी हत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कार्रवाई की जाए। ताकि मेरी आत्मा को शांति मिल सके।”

    अपने उत्तराधिकारी का भी किया ऐलान 

    महंत जी ने खुद के बाद अपने उत्तराधिकारी का भी किया ऐलान किया है। नरेंद्र जी ने आगे लिखा, “ प्रिय बलवीर मठ मंदिर की व्यवस्था का प्रयास वैसे ही करना, जैसे मैंने किया है।” इसी के साथ उन्होंने अपने अन्य सहयोगियों आशुतोष गिरी, नितेश गिरि एवं मंदिर के सभी महात्माओं को बलवीर का सहयोग करने का आवाहन किया है