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  • Agra, Uttar Pradesh, Gigolo

आगरा.एक बड़ी खबर के अनुसार आगरा में जिगोलो (Gigolo) (Playboy) बनाने का झांसा देकर लाखों की ठगी को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्त (Arrest)में ले लिया है। 

क्या है घटना : 

इस पर आरोपियों ने बताया कि लड़कियों की मसाज करने का ऑनलाइन विज्ञापन देकर वह युवकों को फंसा कर उनसे रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे ठगी करते थे। यही नहीं अब तक आरोपियों का गिरोह जिगोलो बनने के इच्छुक लगभग 100 युवकों से यह गिरोह लाखों रुपये की ठगी भी अब तक कर चुका है।

दरअसल घटना के जिगोलो (प्लेबॉय) बनाने के नाम पर ठगी करने वाले साइबर ठग गैंग का सरगना भोला कुमार नाम का शख्स है। वह बिहार का रहने वाला है। इन आरोपियों ने प्लेबॉय के नाम से एक वेबसाइट भी बना रखी थी। 

इस पर दिए नम्बरों पर युवाओं के कॉल आने पर आरोपी पहले उनकी फोटो मंगवाते थे। इसके बाद वे कहते थे कि, ” आप तंदुरुस्त और सेहतमंद हो, हर रात काम मिलेगा। ऐसी महिलाओं के पास जाना होगा, जो अकेली रहती हैं। बहुत कमाई भी होगी। इस बारे में किसी को बताना नहीं। अगर, किसी को बताओगे तो क्लब से हटा दिया जाएगा, आपकी सदस्यता भी खत्म हो जाएगी।”

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इस घटना पर साइबर सेल और सदर पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड भोला कुमार समेत मुकेश और सोनू शर्मा को गिरफ्तार किया है। इस घटना पर इंस्पेक्टर सदर अजय कौशल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में ठगी के कई तरीकों की बात सामने आयी है। इस पर आरोपियों ने कहा कि बेरोजगारों को जाल में फंसाना बहुत आसान है। आजकल नौजवान ऐसे काम की तलाश में रहते हैं, जहां पैसे के साथ थोड़ी बहुत मस्ती भी हो। इसी वजह से वे ऑन लाइन प्लेबॉय क्लब के सदस्य बनने के लिए दूसरे राज्यों के समाचार पत्रों में और इंटरनेट मीडिया पर भी ऐसे विज्ञापन देते थे।

कैसे होता था काम 

इस पुरे क्राइम पर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि प्लेबॉय की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर एक फॉर्म भरना होता था। वहीं रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 5 से 35 हजार रुपये तक जमा करने होते थे। इसके बाद ये लोग अपना फोन बंद कर लेते थे। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि बिहार का रहने वाला भोला कुमार पहले साइबर ठगों के गैंग में भी काम करता था, इसके बाद वो खुद ही ठगी करने लगा। इसी धंधे के सिलसिले में उसकी दोस्ती आगरा के सोनू से थी। इसके बाद सोनू ने अपने गांव के मुकेश कुमार को तैयार किया और इन ठगों गिरोह बना

इसके बाद गिरोह का मास्टमाइंड भोला कुमार खाते में जमा होने वाली रकम में से अपना आधा हिस्सा लेता था। बाकी सोनू और मुकेश को दे देता था। इतना ही नहीं ये आरोपी लोन दिलाने के नाम पर भी खाते में रकम जमा कराते थे। अब तक इनके द्वारा दस लाख रुपये की ठगी का पता चला है। लेकिन अब पुलिस का कहना है कि अब इन आरोपियों के बैंक खाते भी चेक किए जाएंगे, जिससे उनके खाते में पड़ी रकम को भी तुरंत जब्त किया जा सके।