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बता दें कि यह टूर्नामेंट 129 साल पुराना है।

मुंबई. इस साल कोरोनावायरस के चलते कई बड़े टूर्नामेंट रद्द किये गए। लेकिन, टेनिस ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन (Grand Slam Tennis Tournament ) आज से शुरू हो रहा है। या टेनिस टूर्नामेंट 11 तक चलने वाला है। बता दें कि यह टूर्नामेंट 129 साल पुराना है। इस 129 साल पुराने ग्रैंड स्लैम का आधिकारिक नाम ‘रोलां गैरो’ है। खास बात यह है कि इस टूर्नामेंट का नाम किसी खिलाडी के नाम पर नहीं बल्कि एक फाइटर प्लेन बनाने वाले पायलट के नाम पर रखा गया था।

टेनिस के 4 सबसे बड़े टूर्नामेंट में से एक फ्रेंच ओपन साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम होता है। यह टूर्नामेंट हर साल मई-जून में खेला जाता है। हालांकि इस बार कोरोना के वजह से यह टूर्नामेंट साल के आखिर में हो रहा है। इस साल 4 की जगह 3 ही ग्रैंड स्लैम हुए। साल 1972 में ओपन एरा शुरू होने के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है। कोरोना के कारण विंबलडन दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार रद्द किया गया है। ऑस्ट्रेलियन और यूएस ओपन पहले ही हो चुका।  

साल 1891 में इस टूर्नामेंट की शुरुआत हुई तब इसे फ्रेंच क्ले कोर्ट चैम्पियनशिप कहा जाता था। जो फ्रेंच क्लब के सदस्यों के बीच ही खेला जाता था। साल 1924 तक सिर्फ फ्रांस के खिलाड़ी ही पेरिस के दो अलग-अलग कोर्ट में यह टूर्नामेंट खेलते थे। हालाँकि उसके अगले साल से यानि 1925 से विदेशी प्लेयर्स को भी इस टूर्नामेंट में अपना कमाल दिखाने का मौका मिला। तब से इस टूर्नामेंट का नाम फ्रेंच ओपन कर दिया गया।

साल 1928 में डेविस कप के लिए ‘रोलां गैरो’ नाम का एक स्टेडियम बनाया गया। तब से आज तक यह टूर्नामेंट सी स्टेडियम में खेला जाने लगा। वहीं, स्टेडियम के नाम पर ही इस टूर्नामेंट का नाम रोलां गैरो कर दिया गया। बता दें कि रोलां गैरो एक फाइटर प्लेन उड़ाने वाले पायलट का नाम था, जो फ्रांस की ओर से लड़ते हुए पहले विश्व युद्ध में शहीद हो गए थे।

इसी युद्ध के लिए गैरो ने पहली बार ऑन-बोर्ड मशीनगन से लैस पहला सिंगल-सीटर फाइटर प्लेन बनाया था। यह प्लेन प्रोपेलर के जरिए फायर कर सकता था। इस प्लेन के जरिए रोलां गैरो   ने दुश्मन के तीन विमान को मार गिराया था। हालाँकि इस युद्ध में उनका भी प्लेन  क्रैश हो गया था और जर्मनी सेना ने उन्हें गिरफ्त में ले लिया था। इसके 3 साल बाद वह जर्मनी सेना की गिरफ्त से भाग निकले थे।

जर्मनी सेना की गिरफ्त से भागने के बाद उनके आखों की रौशनी थोड़ी कम हो गई। इसके बाद भी वह चश्मा लगाकर विमान उड़ाते थे। फ्रांस ने उन्हें वायुसेना के सलाहकार के रूप में काम करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने और युद्ध में फिर लौटे। लेकिन, अपने जन्मदिन के 1 दिन पहले उनका प्लेन बेल्जियम बॉर्डर के करीब क्रैश हो गया, जिसमें वह शहीद हो गए। इसके 10 साल बाद के एक मित्र और राजनेता ने उनकी सेवाओं को याद रखने के लिए स्टेडियम का नाम रोलां गैरो करने की मांग की थी।

गैरो का जन्म 1888 में फ्रांस के रियूनियन आइलैंड में हुआ था। वह एक बिजनेसमैन के साथ 21 साल की उम्र में  एविएटर बने। अगस्त 1909 में एक एयर शो को देखने के बाद उन्होंने एक प्लेन खरीदा और इसे उड़ाना सीखा। 23 सितंबर 1913 को उन्होंने इतिहास की पहली लंबी उड़ान (780 किलोमीटर) के साथ भूमध्य सागर पार किया।उन्होंने 200 लीटर फ्यूल और 60 लीटर कस्तोर ऑइल के साथ फ्रेंच रिवेरा से ट्यूनीशिया के लिए उड़ान भरी। प्लेन के दो इंजन फेल होने के बावजूद ट्यूनीशिया में सेफ लैंडिंग कराई। उनके विमान में महज 5 लीटर ईंधन बचा था। उनकी इस उड़ान ने उन्हें भूमध्य सागर पार करने वाला पहला एविएटर बनाया।

 फ्रेंच ओपन खिताब जितने की बात करे तो इसलिस्ट में सबसे पहले  स्पेन के राफेल नडाल का नाम आता है।  नडाल ने सबसे ज़्यादा 12 बार फ्रेंच ओपन खिताब जीता है। ओवरऑल सबसे ज्यादा 20 ग्लैंड स्लैम जीतने वाले स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर से वे एक खिताब पीछे हैं। हालांकि, फेडरर चोट के कारण इस बार ग्रैंड स्लैम नहीं खेल रहे, ऐसे में  नडाल के पास उनकी बराबरी करने का मौका है।

खिलाड़ी देश ग्रैंड स्लैम  जीते कुल
रोजर फेडरर स्विट्जरलैंड 5 यूएस ओपन, 8 विंबलडन, 6 ऑस्ट्रेलियन और 1 फ्रेंच ओपन 20
राफेल नडाल स्पेन  4 यूएस ओपन, 12 फ्रेंच ओपन, 1 ऑस्ट्रेलियन और 2 विंबलडन 19
नोवाक जोकोविच सर्बिया  3 यूएस ओपन, 8 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 5 विंबलडन और 1 फ्रेंच ओपन 17

हाल ही में फ्रेंच टेनिस फेडरेशन के अध्यक्ष बर्नार्ड जियूडिसेल्ली ने कहा था कि यह टेनिस की बहाली के बाद पहला टूर्नामेंट होगा। इस टूर्नामेंट में दर्शक मौजूद होंगे। सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक, पेरिस में किसी भी तरह के स्पोर्ट्स, कल्चरल इवेंट में करीब 5 हजार दर्शक मौजूद रह सकते हैं। इसलिए फेडरेशन ने इसी हिसाब से फ्रेंच ओपन के लिए प्लान तैयार किया है।

ऑर्गेनाइजर्स के मुताबिक, इस टूर्नामेंट में एंट्री लेने से पहले सभी खिलाड़ियों का कोरोना टेस्ट किया जायेगा। वहीं, कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में एंट्री मिलेगी। उनकी 72 घंटे के भीतर दोबारा जांच होगी। इसके साथ हर 5वें दिन कोरोना टेस्ट होगा। टूर्नामेंट में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को दो होटलों में ठहराया जाएगा। स्टेडियम में आने वाले हर एक व्यक्ति को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। वहीं, टूर्नामेंट में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति को कोरोना टेस्ट कराना होगा।

खिलाड़ी देश फ्रेंच ओपन जीते
राफेल नडाल  स्पेन 12
ब्जोर्न बोर्ग स्वीडन  6
मैट्स विलेंडर स्वीडन  3
गुस्तावो कुएर्टेन ब्राजील  3
इवान लेंडल  चेक रिपब्लिक 3

इस बार टूर्नामेंट में काफी बदल देखने को मिलने वाले है। सबसे पहला बदल प्राइज मनी में हुआ है। इस बार  फर्स्ट राउंड में हारने वाले प्लेयर्स के लिए पिछले साल के मुकाबले प्राइज मनी 30% बढ़ा दी गई। अब हर खिलाड़ी को 71 हजार डॉलर (52 लाख रुपए) मिलेंगे। क्वालिफाई करने वाले खिलाड़ियों को भी पिछले साल के मुकाबले 27% ज्यादा प्राइज मनी मिलेगी।

वहीं, क्वालिफिकेशन के पहले राउंड में हारने वाले प्लेयर्स को 11 हजार 800 अमेरिकी डॉलर (8.67 लाख रुपए) मिलेंगे। इस बार कुल प्राइज मनी 38 करोड़ यूरो (करीब 326 करोड़ रुपए) रखी गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 10.93% है। विनर को 16 लाख यूरो (करीब 14 करोड़ रुपए) मिलेंगे, जो 2019 से 30.43% कम है।

टेनिस में तीन तरह के ही ग्रास, क्ले और हार्ड कोर्ट होते हैं। ऑस्ट्रेलियन और यूएस ओपन हार्ड (कंक्रीट से बने) कोर्ट, जबकि विंबलडन ग्रास (घास वाले) कोर्ट पर खेला जाता है। फ्रेंच ओपन क्ले कोर्ट पर होता है। यह कोर्ट लाल बजरी से बनाया जाता है, जिस पर बॉल की स्पीड स्लो होती है। क्ले कोर्ट पर बॉल की फिसलन कम और उछाल तेज हो जाता है। इस कोर्ट पर प्लेयर को काफी ताकत लगानी पड़ती है। 

पिछले साल मेंस सिंगल्स में नडाल ने ख़िताब अपने नाम किया तथा। वुमन्स एश्ले बार्टी ने अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता था। हालांकि, बार्टी इस साल कोरोना के कारण फ्रेंच ओपन नहीं खेलेंगी।