ठाणे में 34 फीसद रिक्शाचलकों के खाते में गए हैं 1500 रुपए

    ठाणे. राज्य सरकार (State Government) ने तालाबंदी के दौरान कुछ घटकों को 1,500 रुपए की वित्तीय सहायता (Financial Assistance) की घोषणा की थी, जिसमें रिक्शा चालक भी हैं। फिलहाल ऑटोरिक्शा चालक (Autorickshaw Drivers) पैसे लेने के लिए खासा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। ठाणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (Thane Regional Transport Office) में कुल लगभग 84,000 परमिट धारक ऑटोरिक्शा चालक पंजीकृत हैं, जिनमें से केवल 28,000 ऑटोरिक्शा चालकों को उनके बैंक खातों में अनुदान राशि प्राप्त हुई है। केवल 33 प्रतिशत ऑटोरिक्शा चालकों ने सब्सिडी का लाभ उठाया है, क्योंकि कई ऑटोरिक्शा चालकों में ऑनलाइन प्रक्रिया, आधार कार्ड लिंक की कमी, बैंक ऋण या सब्सिडी कैसे उपलब्धं होगी आदि सवालों को लेकर में भ्रम है।

    सरकार को पिछले कुछ महीनों से लॉकडाउन पर कड़ा फैसला लेना पड़ा है क्योंकि कोरोना का प्रसार कम नहीं हो रहा है। जैसे ही दूसरी लहर घटनी शुरू हुई, वैसे ही तीसरी लहर आने की संभावना जताई जाने लगी है। इसलिए इसे रोकने के लिए लॉकडाउन जारी रहेगा। हालांकि, राज्य सरकार ने गरीबों को छोटी वित्तीय सहायता देने का फैसला किया था। ऐसे में कहा जा रहा है कि ऑटोरिक्शा चालक सरकार के अनुदान को पाने के लिए खासा प्रयासरत नहीं दिखाई दे रहा है।

    अनुदान प्राप्त करने के लिए प्रत्येक ऑटोरिक्शा चालक का आधिकारिक रिक्शा परमिट, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए। इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए कईयों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा जा रहा है कि आधार कार्ड और परमिटों पर अलग-अलग नाम, आधार कार्ड बैंक से लिंक नहीं होने, सब्सिडी की छोटी राशि के कारण रिक्शा चालक सब्सिडी लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ठाणे आरटीओ में कुल 84,000 ऑटोरिक्शा चालक हैं, जिनमें से 28,000 ऑटोरिक्शा चालकों को ही राज्य सरकार का अनुदान मिला सका है।