file photo
file photo

  • निर्माण को गतिमान करने की तैयारी

नवी मुंबई. ठाणे-वाशी-बेलापुर रुट पर प्रस्तावित दिघा रेलवे स्टेशन के निर्माण को गति देने की कोशिशें तेज हो गयी हैं. ठाणे और ऐरोली के बीच स्थित इस स्टेशन के बन जाने पर 20 लाख स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. यूपीए सरकार के दौरान दिघा स्टेशन की नींव पड़ी, लेकिन आज तक इस स्टेशन का अधिकांश निर्माण सिर्फ कागजों में चल रहा है, जबकि हकीकत में यहां कुछ भी होता नहीं दिख रहा है.  बीते वर्ष 2019 में इसके निर्माण की कुछ हलचल भी हुई थी जो अब ठप्प है. फिलहाल स्थानीय शिवसेना सांसद राजन विचारे आधिकारियों को लेकर दौरा कर रहे हैं ताकि निर्माण को गति दी जा सके.

2022 से चल सकेगी लोकल

गौरतलब है कि दिघा रेलवे स्टेशन मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट -3 (MUTP-3) का हिस्सा है जिसके लिए कैबिनेट ने 11000 करोड़ का बजट मंजूर किया है. अकेले दिघा स्टेशन पर कुल 475 करोड़ की लागत खर्च होने का अनुमान है. वर्ष 2009 में तत्कालीन सांसद संजीव नाईक ने ठाणे वाशी रुट पर दिघा और बोनकोड़े दो स्टेशनों के लिए मांग की थी. रेलवे विस्तार योजना में दिघा को पहले मंजूरी मिली. इसे पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2020 रखा गया था, लेकिन फिलहाल इसकी स्थिति देखें तो अगले साल 2021 के बाद ही पूरा हो सकेगा. मतलब साफ है 2022 से पहले दिघा स्टेशन से लोकल नहीं मिलेगी.

नए दिघा रुट से खत्म होगी मुसीबत

वर्तमान में ठाणे वाशी रुट को ठाणे-वाशी वाया ऐरोली के नाम से संचालित किया जाता है. दिघा रेलवे स्टेशन के निर्माण के बाद ठाणे-कलवा- दिघा-ऐरोली नामक नया रुट आपरेशनल हो जाएगा. इससे दिघा, ईश्वर नगर, गवतेवाड़ी, फूलेनगर, कलवा आदि इलाकों के यात्रियों को प्रवास में आसानी होगी. फिलहाल कलवा के यात्री वाशी के तरफ आने के लिए ठाणे जाते हैं,जहां भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है. कुछ लोग बाईरोड 6 किलोमीटर दूर ऐरोली आकर ट्रेन पकड़ते हैं, लेकिन दिघा स्टेशन के बन जाने से कलवा के 7 लाख यात्रियों को उनके बगल में ही लोकल मिल सकेगी. साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में रोज नौकरी पर आने जाने वाले और आईटी कंपनियों के कामगारों को बड़ी राहत मिलेगी.