मुफ्त इलाज के लिए बना कोविड अस्पताल ले रहा 20 हजार रुपए

फरमान जारी कर लिखा, मुफ्त इलाज के लिए मनपा से करें संपर्क 

उल्हासनगर. उल्हासनगर मनपा के खजाने से 51 लाख रुपए की लागत से कोरोना के मुफ्त इलाज के लिए रेसीडेंसी प्लाजा में एक अत्याधुनिक कोविड अस्पताल स्थापित किया गया है, लेकिन अस्पताल के बाहर प्रवेश द्वार पर साईं प्लैटिनम ने रेटकार्ड लगाकर रोगियों से 20 हजार रुपए जमा कराना शुरू कर दिया है. साथ ही बोर्ड पर लिखा है कि कोरोना का मुफ्त इलाज पाने के लिए मनपा से संपर्क करें. अब यह सोचने वाली बात है कि अगर कोई कोरोना मरीज इस बोर्ड के मुताबिक इलाज की पूछताछ के लिए सीधे मनपा में आ जाए तो क्या होगा ?

उल्हासनगर मनपा ने कोरोना से लड़ने के लिए कैंप 4 के प्रसूति अस्पताल को कोविड अस्पताल में तब्दील किया है. इसके अलावा सेंट्रल अस्पताल में सीधे आने वाले कोरोना रोगियों के इलाज के लिए सामने वाले ट्रस्ट के रेड क्रॉस अस्पताल को भी अपने कब्जे में ले लिया. भिवंडी बाईपास पर आमंत्रा में 450 रोगी अलगाव कक्ष के रूप में उपयोग कर रहे है, साथ ही मनपा ने अपनी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अभ्यासिका में भी 100 रोगियों, टेउराम धर्मशाला में 25 रोगियों और कामगार अस्पताल में 100 रोगियों की सीमा है. वर्तमान में मनपा के अंतर्गत 500 से अधिक बेड खाली हैं. यहां कोई पैसा खर्च किए बिना मरीजों का इलाज किया जा रहा है. इसके बावजूद मनपा प्रशासन ने लाखों रुपए खर्च किए और शांतिनगर क्षेत्र के रीजेंसी प्लाजा में 300 बेड का एक सर्व सुविधायुक्त अस्पताल शुरू किया.  इसके उद्घाटन के अवसर पर पालकमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद श्रीकांत शिंदे, विधायक कुमार आयलानी, महापौर लीलाबाई आशान, उपमहापौर भगवान भालेराव, ओमी कालानी, मनपा आयुक्त समीर उन्हाले, प्लेटिनम हॉस्पिटल के डॉ. पॉल, बाबू पुरी उपस्थित थे.

पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कहा  था मुफ्त होगा इलाज

 पालकमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने भाषण में कहा था कि यहां मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा,  उन्होंने यह भी कहा था कि महात्मा फुले स्वास्थ्य योजना से मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल को बिल मिलेगा. लेकिन वास्तव में जब तक 20 हजार रुपए तक की जमा राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक रोगी को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाता है, यह बात मरीज के रिश्तेदारों ने खुद कही. इस बारे में मनपा के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सुहास मोहनालकर ने कहा कि अस्पताल मनपा का है, अस्पताल के निर्माण के लिए 

मनपा ने 51 लाख रुपए खर्च किए हैं और अस्पताल साईं प्लेटिनम के माध्यम से चलाया जा रहा है. इस संबंध में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के जिला उपाध्यक्ष सचिन कदम ने अप्रत्यक्ष रूप से शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मनपा सीधे अस्पताल के निर्माण में शामिल थी, तो क्या यह मरीजों से पैसा इकट्ठा करके बड़े नेताओं को उनकी भागीदारी का भुगतान किया जाएगा.            

हालांकि उसके बाद सांसद श्रीकांत शिंदे की मध्यस्थता के कारण पीले और केसरी राशन कार्ड धारकों का उपचार मनपा द्वारा किए जाने की बात प्लेटिनम अस्पताल के डॉ. पॉल के माध्यम से पता चली. लेकिन तब से इनमें से कई कोरोना रोगी अस्पताल प्रशासन द्वारा मुफ्त इलाज के लिए चक्कर लगा रहे है, लेकिन उनसे अस्पताल प्रशासन ने नि:शुल्क कोरोना उपचार के लिए मनपा प्रशासन से संपर्क करने की अपील करते हुए एक बोर्ड लगा दिया. मनपा उपायुक्त मदन सोंडे को उक्त बोर्ड के बारे में बताया गया तो उन्होंने तुरंत साईं प्लेटिनम अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया और उन्हें बोर्ड को हटाने के लिए कहा.