महाराष्ट्र के राज्यपाल के हाथों उल्हासनगर के 3 कर्मचारी सम्मानित

उल्हासनगर. कोरोना के कारण उल्हासनगर कैम्प क्रमांक 4 स्थित सरकारी प्रसूति गृह को उल्हासनगर मनपा द्वारा कोविड अस्पताल के रूप में रूपांतर किया गया है. इस अस्पताल में कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी के इलाज के लिए आए हजारों लोगों का अच्छी तरह इलाज किया गया. अस्पताल प्रशासन व अस्पताल के स्टॉफ द्वारा किए गए इस उल्लेखनीय कार्य का राज्य सरकार ने संज्ञान लिया व उल्हासनगर के 3 लोगों को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी के हाथों उन्हें कोविड योद्धा का प्रमाण पत्र देकर तीनों को सम्मानित किया गया. 

जानकारी के मुताबिक कोंकण विभाग स्तर पर उल्हासनगर के 3 कर्मचारियों को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी द्वारा कोरोना योद्धा के रूप में प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया. इस महामारी के दौरान अपनी जान की भी परवाह न करते हुए काम करने वाले कर्मचारियों की सूची राज्य सरकार द्वारा मांगी गई थी.

कोविड -19 अस्पताल की अधीक्षक डॉ. भावना तेलंग द्वारा अस्पताल के लैब टेक्नीशियन सदानंद कांबले, सिस्टर अलकनंदा भुरे व सफाई कर्मचारी पुनम कुडीया इन तीनों कर्मचारियों के नाम राज्य सरकार को दिए गए थे. उस आधार पर उल्हासनगर के इन 3 कर्मचारियों को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगतसिंग कोश्यारी द्वारा कोरोना योद्धा के रूप में प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया. इसकी खास बात यह रही कि  उल्हासनगर के लिए गौरवशाली बात यह  है कि कोंकण विभाग में सर्वाधिक 3 कोरोना योद्धा प्रमाणपत्र पाने वाला एकमात्र उल्हासनगर शहर सामने उभरकर आया है.