Amar Moolchandani

    पिंपरी. सेवा विकास बैंक (Seva Vikas Co-Operative Bank Ltd) के बहुचर्चित कर्ज घोटाले के मामले में गिरफ्तार (Arrested) बैंक के पूर्व चेयरमैन, पूर्व नगरसेवक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता एड. अमर मूलचंदानी (Amar Moolchandani)के खिलाफ पिंपरी पुलिस थाने (Pimpri Police Station) में एक और मामला दर्ज हुआ है। मुंबई से हिरासत में लेने के बाद मूलचंदानी को 12 मार्च तक पुलिस कस्टडी (Police Custody) में भेजा गया था। कस्टडी खत्म होने से शुक्रवार की शाम फिर पिंपरी कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 15 मार्च तक फिर से पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। इसी के साथ ही बीती शाम उनके सहित कुल 28 आरोपियों के खिलाफ पिंपरी पुलिस थाने में एक और मामला दर्ज किया गया। इससे साफ है कि अमर मूलचंदानी की दिक्कतें इतनी आसानी से दूर या कम होनेवाली नहीं है।

    पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों में गड़बड़ी और बलात्कार का मामला दर्ज करने की धमकी देकर और ब्लैकमेल कर फर्जीवाड़ा करने को लेकर सेवा विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन एड. अमर मूलचंदानी सहित 28 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बारे में अनिता किशोर चव्हाण नामक वृद्ध महिला ने पिंपरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। इसके अनुसार सेवा विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन अमर मूलचंदानी, निदेशक अशोक मूलचंदानी, मनोहर मूलचंदानी और दया मूलचंदानी के अलावा बैंक के अन्य निदेशक, अधिकारी व कर्मचारियों सहित कुल 28 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। 

    दस्तावेज का दुरुपयोग किया

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अनीता चव्हाण के दस्तावेज का दुरुपयोग किया। एक फर्जी महिला को दुय्यम निबंधक के कार्यालय में पेश किया। आरोपियों ने महिला के पति के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज करने की धमकी भी दी। बैंक अधिकारियों ने षड्यंत्रपूर्वक 1 करोड़ 25 लाख रुपए मंजूर किए और इसे उनके खाते में स्थानांतरित कर दिया। इतना ही नहीं में कहा गया कि अध्यक्ष और अन्य ने मिलकर 25 लाख रुपए वापस ले लिए। गौरतलब है कि सेवा विकास बैंक में घोटाला सामने आने और बैंक के निदेशकों के खिलाफ एक के बाद एक कर पुलिस में मामले दर्ज हो रहे हैं। तब से फरार चल रहे अमर मूलचंदानी को 7 मार्च को मुंबई से गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश करने पर उनको 12 मार्च तक के लिए पुलिस कस्टडी में भेज दिया। इसकी मियाद खत्म होने के बाद कल उन्हें फिर कोर्ट में पेश किया गया जहां उनको 15 मार्च तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया। उन पर 2010 से 2019 तक 238 करोड़ रुपए के गबन का आरोप है। मूलचंदानी को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है।