Bhiwandi Manpa

8 दिन में करीब आंकड़ा पहुंचा 4 शतक के करीब

भिवंडी. वैश्विक महामारी कोरोना से विगत 2 माह में भिवंडी शहर में कोरोना संक्रमण के करीब 700 मामले पाए गए हैं. कोरोना संक्रमण से 25 मरीजों की दर्दनाक मौत हो चुकी है. कोरोना संक्रमण प्रसार फैलने से रोकने हेतु शासन-प्रशासन द्वारा किए गए तमाम दावे झूठे दिखाई पड़ रहे हैं. शहरवासियों में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर मनपा प्रशासन द्वारा बरती जा रही भारी लापरवाही से भारी आक्रोश पनप रहा है.

गौरतलब हो कि वैश्विक महामारी की शुरुआत के उपरांत हुए 25 मार्च से लाकडाउन की वजह से रोजगार बंद होने से लाखों लोगों को आर्थिक परेशानी झेलना पड़ रहा है, वहीं कोरोना महामारी प्रकोप को रोकने हेतु मनपा प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों का कोई फायदा न होने से शहरवासियों के समक्ष जीवन सुरक्षा को लेकर भारी चिंता फैली है. भिवंडी शहर में 25 मई के उपरांत कोरोना संक्रमण का ग्राफ बेहद तेजी से बढ़ रहा है जिसे रोकने में मनपा प्रशासन पूर्णतया असफल व नाकाम साबित हो चुका है. कोरोना महामारी के बढ़ते प्रसार से समूचा भिवंडी शहर महामारी के आगोश में समाता जा रहा है. भिवंडी शहर स्थित गैबीनगर, शांति नगर, गुलजार नगर, चव्हाण कालोनी, अवचित पाड़ा, आम पाड़ा, गायत्री नगर, पीराणी पाड़ा, कसाई वाड़ा, निजामपुर, मिल्लत नगर, मंगल बाजार स्लैब, जैतूनपुरा, समद नगर, अजंता, भंडारी कम्पाउंड, पद्मा नगर, कामतघर, मानसरोवर, फुले नगर, नवी बस्ती, टेमघर, भादवड, ताडाली, हनुमान नगर, ओसवाल वाडी, अंजूर फाटा, शास्त्री नगर, ईदगाह रोड, आजमी नगर, सौदागर मोहल्ला, कारीवली, म्हाडा कालोनी, नदी नाका, कोंबड़ पाड़ा, अजयनगर, आदर्श पार्क, अशोक नगर, गोपाल नगर, घूंघट नगर, कनेरी, फुलेनगर आदि रहिवासी बस्तियों में नित्य कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने से लोगों में जीवन सुरक्षा के प्रति भारी चिंता व्याप्त है.

विशेष महासभा में उठा महामारी मौत का मुद्दा

2 दिन पूर्व 15 दिन हेतु पूरा भिवंडी शहर को कन्टेनमेंट जोन घोषित किये जाने हेतु महापौर प्रतिभा पाटिल द्वारा आयोजित महासभा में कांग्रेसी नगरसेवक फराज बाबा बहाउद्दीन,वरिष्ठ नगरसेवक प्रशांत लाड़ सहित भाजपा प्रदेश कार्यकारणी सदस्य पूर्व मनपा विरोधी पक्ष नेता श्याम अग्रवाल सहित तमाम विपक्षी नगरसेवकों नें मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर को लगभग लताड़ते हुए कहा कि वैश्विक महामारी प्रसार को रोकने में मनपा प्रशासन पूर्णतया नाकाम हो गया है.मनपा आयुक्त आष्टीकर सिर्फ कागजी हेरफेर कर प्रभारी वैद्यकीय अधिकारी जयवंत धुले के साथ मिलकर पैसा कमाए जाने में तल्लीन हैं.

नागरिक जिंदा रहें चाहे मरें उनकी बला से. कांग्रेसी नगरसेवक फराज बहाउद्दीन नें महामारी से प्रतिदिन हो रही लोगों की मौतों को मनपा प्रशासन पर छिपाए जाने का बेहद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि मनपा प्रशासन समूचे भिवंडी शहर में जितनी मौत होने का आंकड़ा देता है उससे दुगुनी-तिगुनी मौत सिर्फ निजामपुर एरिया में 3-4 दिनों में हो गई है. कोविड अस्पताल  क्वारंटाइन सेंटर फुल होने से मरीजों को उपचार भी नहीं मिल पा रहा है. शहर स्थित अधिसंख्यक कब्रिस्तानों में रात को मुर्दा दफनाया जा रहा है, जिसकी खबर के बावजूद मनपा प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं और मौतों को सारी अर्थात कोरोना महामारी नही अन्य दूसरी बीमारियों की वजह से होना बताया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो कोरोना महामारी से भिवंडी शहर में करीब 300 से अधिक लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं. जागरूक शहरवासी भिवंडी शहर को मौत के मुहं से बचाए जाने हेतु मनपा आयुक्त प्रवीण आष्टीकर, वैद्यकीय अधिकारी डा. जयवंत धुले को हटाए जाने की मांग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से कर रहे हैं. सूत्रों की मानें तो महामारी नियंत्रण हेतु जल्द प्रशासनिक फेरबदल होना तय माना जा रहा है.