Money kept in credit society will now be safe

कोविड महामारी संसाधनों पर होगा खर्च

भिवंडी. भिवंडी शहर में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का ग्राफ बेहद तेजी से बढ़ रहा है. करीब 700 से अधिक लोग कोरोना महामारी चपेट में आ चुके और 25 लोगों से अधिक की मौत हो चुकी है. महाराष्ट्र सरकार ने भिवंडी शहर में बेहद तेजी से फैल रहे कोरोना प्रसार के नियंत्रण हेतु भिवंडी महानगर पालिका को 7 करोड़ रुपए का वैशिष्ट्य अनुदान दिया है. उक्त धनराशि कोरोना  महामारी प्रसार को रोकने हेतु लगनें वाले जरूरी संसाधनों में खर्च की जाएगी.

गौरतलब हो कि भिवंडी में कोरोना महामारी ने कोहराम मचा रखा है. विगत 8 दिनों में ही करीब 400 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होकर उपचार की मजबूरी झेल रहे हैं. कोरोना महामारी से पीड़ित 25 लोग जान गवा बैठे हैं. शासन द्वारा 100 बेड वाले आईजीएम अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल एवं आमंत्रा इमारत स्थित क्वारन्टीन सेंटर बनाया गया है, जो मरीजों की संख्या के हिसाब से नाकाफी साबित हो गया है.

कोरोना महामारी से संक्रमित मरीज उपचार हेतु दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं. गरीब मरीजों के पास उपचार के लिए पैसा नहीं है.  निजी अस्पतालों में इलाज के लिए लाखों रुपया खर्च किया जाना गरीब लोगों की बस की बात ही नहीं है.  महाराष्ट्र सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना प्रसार की गंभीरता को देखते हुए भिवंडी महानगरपालिका को 7 करोड़ रुपए का वैशिष्ट्य अनुदान  दिया है, जिसके तहत कोविड-19 अस्पताल, क्वारन्टीन सेंटर, आक्सीजन बेड्स सहित अन्य आवश्यक संसाधन निर्माण किया जाएगा.

निर्देशों के तहत हो जरूरी कार्य

महाराष्ट्र अवर सचिव विवेक कुमार ने परिपत्र जारी कर मनपा प्रशासन को आदेश दिया है कि महामारी प्रसार रोकने हेतु दिए गए 7 करोड़ रुपए अनुदान को शासन के प्रदत्त निर्देशों के अनुसार ही खर्च करें. शासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कदापि नहीं होना चाहिए.