प्रत्यक्ष महासभा की मांग पर भाजपा का मनपा मुख्यालय पर आंदोलन

ठाणे. महानगर पालिका की महासभा वेबिनार के बजाय  प्रत्यक्ष रूप से आयोजित करने की मांग को लेकर भाजपाई नगरसेवकों ने गटनेता संजय वाघुले के नेतृत्व में मनपा मुख्यालय में स्व. नरेंद्र बल्लाल सभागार के बाहर आंदोलन कर अपना निषेध व्यक्त किया.  

भाजपा के गटनेता संजय वाघुले का कहना है कि मनपा की महासभा वेबिनार द्वारा आयोजित किया जा रहा है. पिछली दो महासभा भी ऑनलाइन वेबिनार के माध्यम से आयोजित किया गया था. दोनों महासभा में विपक्षी नगरसेवकों की आवाज को सत्ताधारी द्वारा दबा दिया जाता है. इतना ही नहीं बिना विस्तृत चर्चा के हंगामे के बीच प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं. इसलिए भाजपा की तरफ से वेबिनार द्वारा महासभा के बजाय प्रत्यक्ष तौर पर इसका आयोजन करने की मांग उन्होंने किया था. इसके लिए दो दिन पहले पत्र भी महापौर को उनको तरफ से दिया गया था, लेकिन महापौर उनकी मांगों पर विचार ही नहीं किया. गटनेता वाघुले ने कहा कि कोविड को लेकर भी उपाय योजना के लिए कोई चर्चा नहीं हो पा रही है. इसलिए इन मांगों को लेकर उन्होंने वेबीनार महासभा न लेते हुए प्रत्यक्ष तौर पर इसका आयोजन करने की मांग को लेकर भाजपा की तरफ से यह आंदोलन किया गया. 

राज्यसभा, विधानसभा और लोकसभा की तर्ज पर आयोजन की मांग

भाजपा नगरसेवकों का कहना है कि जब कोविड के विषय में निर्बन्ध और नियमावली का पालन कर लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में प्रत्यक्ष तौर पर अधिवेशन का आयोजन हो सकता है तो ठाणे मनपा जैसे निचली सदन का इस प्रकार का आयोजन क्यों नहीं हो सकता है. भाजपा ने काशीनाथ घाणेकर नाट्यगृह अथवा गडकरी में प्रत्यक्ष तौर पर महासभा की मांग की. लेकिन सत्ताधारी शिवसेना ने इसे ठुकरा दिया. जिससे नाराज भाजपाई नगरसेवकों ने महासभा का बॉयकॉट कर दिया.  

महापौर ने भाजपा को कहा बिखरी जनता पार्टी

भाजपा के इस आंदोलन को स्टंट करार देते हुए महापौर नरेश म्हस्के ने भाजपा नगरसेवकों द्वारा दिये गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा के नगरसेवकों ने कोरोना के संक्रमण काल में ऑनलाइन वेबिनार द्वारा महासभा के आयोजन की सहमति दे चुके हैं. साथ ही महापौर ने कहा कि भाजपा को ठाणे करों की हितों से कुछ लेना देना नहीं है और अब यह बिखरी जनता पार्टी बनकर रह गई है.