सिडको तत्काल उपलब्ध कराए 1000 बेड का हास्पिटल

विधायक प्रशांत ठाकुर की सीएम और नगर विकास मंत्री से मांग

नवी मुंबई. सिडको द्वारा मुंबई के मुलुंड में 1200 बेड का कोरोना हास्पिटल तैयार किया गया है. हालांकि नवी मुंबई शहर बसाने वाली सिडको की इस भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं. सवाल ये है कि आखिर सिडको ने उस नवी मुंबई, पनवेल या उरण में क्यों नहीं अस्पताल बनाया जहां के किसानों की जमीन लेकर आज वह दर्जनों उपक्रम चला रही है.

इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए पनवेल के विधायक प्रशांत ठाकुर ने शहर बसाने वाली सिडको से पनवेल उरण क्षेत्र के नागरिकों के लिए 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर स्थापित कराने की मांग की है. प्रशांत ठाकुर ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एवं नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे को लिखित निवेदन देकर सिडको के जरिए 1000 बे़ड का अत्याधुनिक अस्पताल बनाए जाने की अपील की है. भाजपा विधायक की दलील है कि सिडको ने अपने विविध उपक्रमों के लिए प्रकल्पग्रस्तों की जमीनों को कौड़ियों के भाव हासिल किया. सिडको को इन जमीनों से प्रचंड फायदा हुआ है.

प्रकल्पग्रस्तों के लिए हास्पिटल क्यों नहीं

वर्तमान में पनवेल एवं उरण तहसील में सिडको ने विकास के लिए बड़ा निवेश किया है. जिस तहसील के जमीनों को लेकर सिडको ने उपक्रम चलाए उस पनवेल और उरण में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है हालांकि उपचार के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं. इसलिए मुलुंड की तर्ज पर सिडको को पनवेल उरण करों के लिए तत्काल 1000 बेड का  कोरोना हास्पिटल तैयार करना चाहिए. प्रशांत ठाकुर ने जोर देकर कहा सिडको ने पनवेल, उरण और नवी मुंबई के प्रकल्पग्रस्तों की जमीन ली है उनके हित के लिए सिडको को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध करानी चाहिए.उन्होंने निवेदन की एक प्रति सिडको के प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र को भी दी है.