महाराष्ट्र भवन बनाने सिडको से पहल करने की मांग

नवी मुंबई. नवी मुंबई में अन्य प्रांतों के प्रशासकीय भवनों तरह राज्य का महाराष्ट्र भवन भी शिघ्र निर्मित हो इसके लिए सिडको को पहल करनी चाहिए. इस आशय की मांग भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने की है. वाशी में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में मंदा म्हात्रे ने कहा कि मुंबई के नजदीक महाराष्ट्र भवन का निर्माण हो इसके लिए वर्ष 1998 में ही 8000 वर्गमीटर का भूखंड आरक्षित किया गया लेकिन आज तक उसकी नींव तक नहीं डाली गयी.

इसी वर्ष 2020 के बजट में भी भवन का उल्लेख किया गया है. दलील है कि यदि सिडको पहल करे तो इससे महाराष्ट्र भवन निर्माण का सपना साकार हो सकता है. बता दें कि मुंबई में महाराष्ट्र के सूदूर गांवों और इलाकों से काम काज, शिक्षा एवं अन्य कार्यों के लिए नागरिक आते रहते हैं. प्रांतीय भवन नहीं रहने से उन्हें प्राइवेट होटलों, लॉजों एवं अन्य ठिकानों पर आश्रय लेना पड़ता है. यदि भवन बन जाता है तो वह राज्य के प्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण आसरा बन सकता है.

22 वर्षों से नहीं हुआ निर्माण

बता दें कि वर्ष 2019 के शुरूआती दिनों में और बीते महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर नवी मुंबई मनसे आरक्षित भवन भूखंड पर नामफलक लगाकर औपचारिक शिलान्यास कर चुकी है. इसके लिए कई आंदोलन करते हुए सवाल उठा चुकी है कि आखिर जब दूसरे प्रांत अपना भवन बना सकते हैं तब महाराष्ट्र सरकार अपने प्रशासकीय भवन के निर्माण को लेकर इतनी उदासीन क्यों है. बता दें कि नवी मुंबई में असम, केरला, मध्यप्रदेश, यूपी राजस्थान समेत 12 प्रांतों में अपने भवन बना लिए हैं, जबकि महाराष्ट्र सरकार 22 सालों बाद भी अपना भवन नहीं बना सकी है.