ग्राहकों को बिजली के बिल समझाने उपभोक्ता शिविरों आयोजन

एक साथ तीन महीने का बिल भेजने से बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी 

अंबरनाथ. लॉकडाउन शुरू होने और उसके बाद जून में इस तरह बिजली उपभोक्ताओं को एक साथ तीन महीने का बिल मिल रहे हैं, जिसके कारण बड़े पैमाने पर महकमे को शिकायतें मिल रही हैं. बिल की रीडिंग व बिल की राशि उपभोक्ताओं को समझाने को लेकर महावितरण कल्याण सर्कल के माध्यम शिविरों का आयोजन किया जा रहा है इसको नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है.

 शहरी क्षेत्रों में महावितरण के अभियंता व कर्मचारी बिल्डिंगों में जा जाकर मीटर रीडिंग के बाद समेकित बिजली बिल कितना सही है, इस पर मीटर रीडिंग दिखाकर प्रदर्शनों के साथ जानकारी दी जा रही है.  ऊर्जामंत्री  डॉ. नितिन राउत के निर्देशन में और सह-प्रबंध निदेशक गोविंद बोडके और मुख्य अभियंता दिनेश अग्रवाल के नेतृत्व में, इंजीनियर, अधिकारी और कर्मचारी ग्राहक प्रश्नों को हल करने में लगे हुए हैं.

महावितरण कल्याण परिमंडल के जनसंपर्क अधिकारी विजयसिंह दुधभाते द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार महावितरण मीटिंग व शिविरों के माध्यम से यह स्पष्ट कर रही है कि तीन महीने की अवधि के लिए बिजली के बिल ग्राहकों के मीटर रीडिंग और बिजली की खपत के अनुसार सटीक हैं. बिजली बिल रीडिंग के अनुसार वास्तविक मीटर पर रीडिंग और बिजली बिल पर रीडिंग के बीच अंतर को ठीक किया जा रहा है. स्लैब का लाभ ग्राहकों को तीन महीने के समेकित बिजली बिल को एक महीने में विभाजित करके दिया जाता है.  इस संबंध में महावितरण की वेबसाइट www.mahadiscom.in या https://billcal.mahadiscom.in/consumerbill/ पर केवल ग्राहक संख्या का उल्लेख करके प्रत्येक ग्राहक को अपने बिजली बिल का विस्तृत सत्यापन प्रदान करने की सुविधा है. दुधभाते के अनुसार महावितरण बिजली उपभोक्ताओं से अपील कर रही है कि वह किसी शिकायत का सामना करने के लिए केवल तभी कार्यालय जाएं जब उन्हें लगे की बिल में गलती है.

लॉकडाउन शिथिल होने के बाद व कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने वाले क्षेत्र को छोड़कर सभी क्षेत्रों में जून के पहले सप्ताह से बिजली का वितरण शुरू किया गया था.  इसके बाद बढ़े हुए बिजली के बिलों की शिकायतों के निवारण के लिए, कल्याण क्षेत्र में उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविरों का आयोजन किया गया है. अतिरिक्त जनशक्ति के आधार पर शिकायतों के साथ कार्यालय में आने वाले ग्राहकों के लिए अतिरिक्त काउंटर स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा जनप्रतिनिधियों के घर जाकर रीडिंग के बाद दिए जाने वाले बिजली के बिलों की शुद्धता के बारे में जानकारी देने की योजना बनाई जा रही है.